Tomato Price Hike: टमाटर की आसमान छूती कीमतों ने आम लोगों के घर का बजट बिगाड़कर रख दिया है। 15 दिन पहले तक 60 रुपए प्रतिकिलो की दर से बिकने वाला टमाटर अब 'लाल' होकर 150 के पार पहुंच चुका है। इस बीच, खबरों की मानें तो टमाटर की कीमतों में अभी और तेजी आने की आशंका है। पहले उम्मीद की जा रही थी कि 15 जुलाई के बाद टमाटर की कीमतों में गिरावट आ सकती है। लेकिन फिलहाल एक सप्ताह तक इसकी कीमतों में कमी आने की कोई संभावना नहीं है। टमाटर के अलावा पत्तागोभी, फूलगोभी, ककड़ी, पत्तेदार साग आदि जैसी सब्जियों के भी महंगा होने की आशंका है।
बता दें कि कई राज्यों में टमाटर 200 रुपये किलो तक बिक रहा है। भाव दिन-ब-दिन बढ़ने के कारण गृहणियों की रसोई से अब टमाटर गायब सा हो गया है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, दरअसल हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश से फसलों की कटाई और सप्लाई बाधित हो रही है। एक्सपर्ट्स के हवाले से अखबार ने लिखा है कि हिमाचल प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश से टमाटर की तुड़ाई नहीं हो पा रही है। साथ ही ट्रांसपोर्टेशन में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं।
वर्तमान में हिमाचल देश के अधिकांश हिस्सों के लिए टमाटर का मुख्य स्रोत है। देशभर में हिमाचल से ही ज्यादातर टमाटर सहित अन्य सब्जियों की सप्लाई होती है। लेकिन अभी देश के अधिकांश हिस्सों में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सप्लाई हो रही है। टमाटर के अलावा पत्तागोभी, फूलगोभी ककड़ी, पत्तेदार साग आदि जैसी सब्जियां वहीं से सप्लाई हो रही हैं।
अन्य सब्जियों के भी बढ़ेंगे दाम (Tomato Price Rise)
देश के कई राज्यों में हो रही भारी बारिश के कारण टमाटर के साथ-साथ बंदगोभी, फूलगोभी, खीरे और साग की कीमत भी बढ़ सकती है। बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टीकल्चर रिसर्च के डायरेक्टर एसके सिंह ने ET से कहा कि उत्तरी राज्यों खासकर हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से टमाटर, बंदगोभी, फूलगोभी और शिमला मिर्च की अधिकांश खड़ी फसल बर्बाद हो जाएगी। जल जमाव के कारण वायरस और विल्ट फसल को खराब कर देंगे। इस वजह से इन सब्जियों की सप्लाई प्रभावित होगी। साथ ही कीमतें पहले के मुकाबले और ऊपर जाएगी।
इस सीजन में बंदगोभी, फूलगोभी और शिमला मिर्च की ज्यादातर सप्लाई हिमाचल प्रदेश से ही होती है। हिमाचल से न केवल दिल्ली बल्कि देश के अधिकांश राज्यों में इन सब्जियों की सप्लाई होती है। एसके सिंह ने कहा कि सब्जियों की कीमत बढ़ने से लोग दालों का रुख करते हैं। इससे दालों की कीमत में और इजाफा हो सकता है। हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण नेशनल हाईवे सहित सैकड़ों सड़के बंद कर दी गई हैं। इससे पहाड़ों से मैदान के लिए फलों और सब्जियों का ट्रांसपोर्ट रुक गया है।
तेजी से बढ़े दाम (Tomatoes Price in india)
आलू, टमाटर और प्याज जैसी सब्जियां अधिकांश भारतीय भोजन का हिस्सा हैं, लेकिन इन सब्जियों की कीमतों में हालिया उछाल ने कई घरों के मासिक बजट में बड़ी गड़बड़ी पैदा कर दी है। 2016 में प्याज ने उपभोक्ताओं की आंखों में आंसू ला दिए और अब टमाटर की कीमत खराब हो गई है।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, देश भर के विभिन्न क्षेत्रों में टमाटर की कीमत मई के पहले सप्ताह में 15 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर आश्चर्यजनक रूप से 120-150 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। थोक विक्रेताओं का कहना है कि एक हफ्ते में सब्जियों के दाम दोगुने हो गए हैं और उनकी बिक्री 40 फीसदी तक कम हो गई है।