बाइक या स्कूटर चलाते समय हेलमेट पहनना बेहद जरूरी होता है। यह नियम तो है ही, साथ ही सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद जरूरी है। हेलमेट पहनना सबके लिए जरूरी है। भले ही पुलिसकर्मी ही क्यों न हो। लेकिन बिहार में अजीबो गरीब मामला सामने आया है। सूबे के दरभंगा जिले में दरोगा जी बिना हेलमेट पहने बाइक से जा रहे थे। तभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की नजर पड़ गई। पुलिसवालों ने ही दूसरे पुलिसकर्मी (दरोगाजी) का 1000 रुपये का चालान काट दिया। बता दें कि भारत में यातायात से जुड़े कुछ नियम बनाए गए हैं। जिनका पालन रोड सेफ्टी के लिए बहुत जरूरी है।
चालान भरने के बाद एएसआई विनोद कुमार ने कैमरे के सामने स्वीकार किया कि उन्होंने गलती की थी। इसके साथ ही आगे से बिना हेलमेट बाइक नहीं चलाने की बात कही। उन्होंने आम लोगों से भी यातायात नियमों का पालन करने और हेलमेट पहनने की अपील की है। ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान की भी सराहना की है।
दरभंगा में लगातार चेकिंग अभियान
यातायात थानाध्यक्ष कुमार गौरव और यातायात डीएसपी अवधेश कुमार के नेतृत्व में जिले भर में लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। रोजाना सैकड़ों लोगों का चालान काटा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में रोजाना 1.50 लाख रुपये से 2 रुपये तक के चालान काटे जा रहे हैं। गौरव ने आगे बताया कि दरभंगा में लगातार यातायात नियम पालन की अनदेखी को देख चेकिंग की जा रही है। एक पुलिस कर्मी का भी चालान काटा गया है। नियम सभी के लिए एक सामान है, चाहे वे पुलिस वाले हो या प्रेस वाले या फिर आम लोग। जो भी यातायात नियम का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिख समुदाय को हेलमेट न पहनने पर मिली छूट
देश में एक वर्ग ऐसा भी है, जो हेलमेट लगाए या न लगाए। ट्रैफिक पुलिस इनका चालान नहीं काटती है। मोटर व्हीकल एक्ट का सेक्शन 129 में कहा गया है कि जो लोग सिख कम्यूनिटी से ताल्लुक रखते हैं। सिर्फ उन्हें ही हेलमेट ना पहनने की आजादी दी गई है। लेकिन इसमें भी एक शर्त जोड़ी गई है। इसमें कहा गया है कि सिख कम्यूनिटी में जो लोग पगड़ी पहन रहे हैं, सिर्फ उन्हें ही हेलमेट ना पहनने की आजादी है।
नियम ये है कि मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाते वक्त अगर पगड़ी पहनी हुई है तो ही हेलमेट ना पहनने पर चालान नहीं काटा जाएगा। यह नियम सिख समुदाय के धार्मिक अधिकारों का सम्मान करने के लिए बनाया गया है। वहीं 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए हेलमेट जरूरी नहीं है। लेकिन 4 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए हेलमेट बेहद जरूरी है।