Tussar Sarees: साड़ी भारत का राष्ट्रीय परिधान है। उत्तर में कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से लेकर दक्षिण में तमिलनाडु तक, पूरब में बंगाल से लेकर पश्चिम में महाराष्ट्र और गुजरात तक देश के हर हिस्से में साड़ी पहनी जाती है। सिल्क की साडियों की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है। इसमें बिहार के भागलपुर को सिल्क नगरी के नाम से जाना जाता है। यहां का सिल्क देश से लेकर विदेश तक में जाता है। यहां कई तरह के सिल्क को तैयार किया जाता है। इसमें से सबसे खास तसर सिल्क है। तसर की साड़ियों पर इन दिनों भगवान श्री राम और माता सीता की विवाह से जुड़ी तस्वीरें उकेरी जा रही है। ऐसे में इन साड़ियों की डिमांड सात समंदर पार तक बढ़ गई हैं।
बता दें कि तसर साड़ी काफी हल्की होती है। इसके साथ ही यह जितनी पुरानी होती है। उतनी ही चमक इसमें निखरती है। कम दाम में यह खूबसूरत साड़ी मिल जाती है। इसके साथ ही यह पार्टी वियर का भी काम करती है। इसलिए इस साड़ी की डिमांड बढ़ती जा रही है।
तसर साड़ी में राम विवाह की प्रिंटिंग
तसर साड़ी में मधुबनी प्रिंट में राम विवाह की तस्वीरें बनाई गई हैं। इस साड़ी को राजा रानी प्रिंटेड के नाम से भी जाना जाता है। कारोबारी संजीव कुमार का कहना है कि इन साड़ों में मधुबनी प्रिंट के तहत गुड्डा-गुड़िया, राजा रानी के विवाह के समय की तस्वीर दिखाई गई है। राम मंदिर जब से बनकर तैयार हुआ है। तब से इन साड़ियों की डिमांड कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। साड़ी में राम विवाह के पूरी तस्वीरें बनाई गई है। इसमें भगवान राम धनुष लिए अपने रानी को वरमाला पहना रहे हैं। फ्रांस से इन साड़ियों के ऑर्डर दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं। अमेरिका में भी तसर साड़ी पहुंच चुकी है।
अर्जुन और साजा के पेड़ पर पाए जाने वाले कीड़ों से बनने वाली रेशमी धागों से तसर सिल्क की बुनाई होती है। ये धागे बेहद मुलायम और चमकदार होते हैं। असली हैंडलूम तसर सिल्क साड़ी की खासियत ये है कि उसका पूरा फैब्रिक एक जैसा नहीं दिखाई देता है।