यूपी में पुरुष टेलर नहीं ले पाएंगे महिलाओं का नाप, लेडीज सैलून से भी होंगे बाहर! सामने आया ये प्रपोजल

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने एक प्रस्ताव पेश किया। जिसमें ये कहा गया है कि पुरुष टेलर को महिलाओं के कपड़े सिलने और पुरुष बारबर को महिलाओं के बाल काटने से रोका जाए। महिला आयोग का कहना है कि अक्सर इस तरह के मामलों में महिलाओं को बैड टच का सामना करना पड़ता है

अपडेटेड Nov 10, 2024 पर 11:21 AM
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उत्तर प्रदेश महिला आयोग का प्रस्ताव पेश किया है। जिसमें कहा गया है कि पुरुष दर्जी महिलाओं का नाप न लें।

State Women Commission Proposal: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने हाल ही में महिलाओं को 'बैड टच' से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत पुरुष टेलर को महिलाओं के कपड़े सिलने और पुरुष बारबर को महिलाओं के बाल काटने से मना किया गया है। यह प्रस्ताव राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने दिया है। राज्य महिला आयोग की बैठक में इस प्रस्ताव को मौजूद अन्य सदस्यों का पूरा समर्थन मिला। इसे महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही गुड टच और बैड टच से जोड़कर देखा जा रहा है ।

यूपी के बाद देश के दूसरे राज्यों में भी इस तरह की मांग को लेकर आवाज उठने लगी है। ऐसे ही उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम रिंकु बिष्ट को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें टेलर्स की दुकान में महिलाओं के कपड़ों की नाप लेने के लिए महिला कर्मचारियों की तैनाती की मांग की है।

पुरुष टेलर नहीं ले पाएंगे महिलाओं का नाप


बता दें कि यह प्रस्ताव 28 अक्टूबर को हुई महिला आयोग की बैठक के दौरान सामने आया है। जिसमें कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। इनमें पुरुषों को महिलाओं का नाप लेने की अनुमति न देना और शॉप्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है। यह प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन है और इसे कानून का रूप देने के लिए राज्य सरकार से अनुरोध किया जाएगा। जिला प्रशासन महिला आयोग के इन नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा।

राज्य महिला आयोग ने कही ये बात

महिला आयोग की सदस्य हिमानी अग्रवाल ने बताया कि बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया कि केवल महिला टेलर ही महिलाओं के कपड़ों का नाप लें और सभी सैलून में केवल महिला नाई ही महिलाओं की सेवा करें। उनका मानना है कि कुछ पुरुषों की मंशा खराब होती है, जो महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि सभी पुरुषों की मंशा खराब नहीं होती।

इसके अलावा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने न्यूज एजेंसी को बताया कि, जिन जिम में महिलाएं जाती हैं, वहां महिला ट्रेनर होनी चाहिए और सभी प्रशिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना जरूरी है। जिम जाने वाली महिलाओं और लड़कियों के शोषण की शिकायतें महिला आयोग को मिल रही थीं, जिसे देखते हुए ये फैसले लिए गए। साथ ही, महिला टेलर की उपस्थिति अनिवार्य करने और स्कूल बसों में महिला कर्मचारियों की नियुक्ति के आदेश दिए गए हैं। जो इस आदेश का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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