'यहां सिर्फ शाकाहारी छात्रों को बैठने की इजाजत है', IIT बॉम्बे के हॉस्टल कैंटीन में लगे पोस्टर पर विवाद

Vegetarians Only Row: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) बॉम्बे के छात्रों ने हॉस्टल कैंटीन की दीवार पर 'सिर्फ शाकाहारी' के पोस्टर चस्पा किए जाने के बाद भोजन में भेदभाव का आरोप लगाया है। पिछले सप्ताह इस प्रतिष्ठित संस्थान के हॉस्टल-12 की कैंटीन पर एक पोस्टर चस्पा किया गया था, जिसमें यह लिखा था कि 'सिर्फ शाकाहारियों को ही यहां बैठने की अनुमति हैं।' इस संबंध में एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर सामने आई है

अपडेटेड Jul 31, 2023 पर 11:05 AM
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Vegetarians Only Row: एक अधिकारी ने बताया कि अलग-अलग तरह का भोजन करने वाले लोगों के लिए यहां कोई निश्चित सीटें नहीं हैं

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) बॉम्बे के छात्रों ने हॉस्टल कैंटीन की दीवार पर 'सिर्फ शाकाहारी (Vegetarians only)' के पोस्टर चस्पा किए जाने के बाद भोजन में भेदभाव का आरोप लगाया है। पिछले सप्ताह इस प्रतिष्ठित संस्थान के हॉस्टल-12 की कैंटीन पर एक पोस्टर चस्पा किया गया था, जिसमें यह लिखा था कि 'सिर्फ शाकाहारियों को ही यहां बैठने की अनुमति हैं।' इस संबंध में एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर सामने आई है। संस्थान के एक अधिकारी ने दावा किया कि उन्हें ऐसा एक पोस्टर लगा मिला है, लेकिन इसे कैंटीन के बाहर किसने लगाया इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि अलग-अलग तरह का भोजन करने वाले लोगों के लिए यहां कोई निश्चित सीटें नहीं हैं। संस्थान को इस बात की जानकारी नहीं है कि पोस्टर किसने लगाए हैं। छात्र समूह आम्बेडकर पेरियर फुले स्ट्डी सर्किल (APPSC) के प्रतिनिधियों ने घटना की निंदा की और पोस्टरों को फाड़ दिया।

APPSC ने बताया, "हॉस्टल के महासचिव को लिखी गई RTI और ई-मेल के माध्यम से यह सामने आया है कि संस्थान में अलग-अलग भोजन के लिए कोई नीति नहीं है। कुछ छात्रों ने कैंटीन के कुछ हिस्सों को 'केवल शाकाहारियों' के रूप में नामित कर दिया, जिसकी वजह से दूसरे छात्रों को वहां से जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।"


घटना के बाद हॉस्टल के महासचिव ने सभी छात्रों को यह कहते हुए एक ई-मेल भेजा है, "हॉस्टल की कैंटीन में जैन वितरण का एक काउंटर है लेकिन जैन भोजन करने वाले लोगों के लिए ऐसी कोई निर्धारित जगह नहीं है।"

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महासचिव ने ई-मेल में लिखा कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि कुछ छात्रों ने कैंटीन के कुछ हिस्सों को 'जैन के बैठने वाली जगह' के रूप में नामित कर दिया है और वे छात्र, जो मासांहार लाते हैं उन्हें उन जगहों पर बैठने नहीं दे रहे हैं।

महासचिव ने ईमेल में लिखा, "इस तरह का बर्ताव अस्वीकार्य है और किसी छात्र को किसी अन्य छात्र को कैंटीन के किसी भी हिस्से से भगाने का अधिकार नहीं है और वह भी इस आधार पर कि कोई जगह किसी विशेष समुदाय के लिए आरक्षित है। अगर ऐसी घटना दोहराई जाती है तो हम इसमें शामिल छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे।"

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