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VIDEO: 'आपके यहां खुलेआम घूम रहे 26/11 हमले के आतंकी', लाहौर में भरे मंच से पाकिस्तान को नसीहत दे आए जावेद अख्तर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पर जावेद अख्तर ने बेहद जबरदस्त जवाब दिया। उन्होंने कहा, "आइए हम एक दूसरे को दोष न दें। इससे मुद्दों का समाधान नहीं होगा। जो फिजा गर्म है, वो कम होनी चाहिए। हम तो बंबई के लोग हैं। हमने देखा वहां कैसे हमला हुआ था। वो लोग नॉर्वे से तो नहीं आए थे, न मिस्र से आए थे, वो लोग अभी भी आपके मुल्क में घूम रहे हैं। तो ये शिकायत अगर हिंदुस्तानी के दिल में हो, तो आपको बुरा नहीं मनना चाहिए"

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 21, 2023 पर 3:54 PM
VIDEO: 'आपके यहां खुलेआम घूम रहे 26/11 हमले के आतंकी', लाहौर में भरे मंच से पाकिस्तान को नसीहत दे आए जावेद अख्तर
लाहौर में भरे मंच से पाकिस्तान को नसीहत दे आए जावेद अख्तर

देश के जानेमाने लेखक-गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) पिछले दिनों पाकिस्तान (Pakistan) में थे। जावेद अख्तर प्रसिद्ध उर्दू कवि फैज अहमद फैज (Faiz Ahmed Faiz) की याद में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेने के लिए लाहौर (Lahore) पहुंचे थे, जहां उन्होंने पाकिस्तान को याद दिलाया कि 26/11 (26/11 Mumbai Attacks) के हमलावर उनके देश से ही आए थे। समारोह में उन्होंने दर्शकों से कहा, "अगर भारतीय इस बारे में शिकायत करते हैं, तो आपको नाराज नहीं होना चाहिए।" अख्तर की प्रतिक्रिया तब आई, जब फैज महोत्सव 2023 (Faiz Festival 2023) में एक शख्स ने उनसे अपने साथ शांति का संदेश ले जाने और भारतीयों को ये बताने के लिए कहा कि पाकिस्तान 'एक सकारात्मक, दोस्ती और प्यार करने वाला देश' है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पर जावेद अख्तर ने बेहद जबरदस्त जवाब दिया। उन्होंने कहा, "आइए हम एक दूसरे को दोष न दें। इससे मुद्दों का समाधान नहीं होगा। जो फिजा गर्म है, वो कम होनी चाहिए। हम तो बंबई के लोग हैं। हमने देखा वहां कैसे हमला हुआ था। वो लोग नॉर्वे से तो नहीं आए थे, न मिस्र से आए थे, वो लोग अभी भी आपके मुल्क में घूम रहे हैं। तो ये शिकायत अगर हिंदुस्तानी के दिल में हो, तो आपको बुरा नहीं मनना चाहिए।"

उन्होंने आगे पाकिस्तान को बताया कि नुसरत फतेह अली खान और मेहदी हसन भारत में संस्कारी शख्सियत थे, लेकिन पाकिस्तान ने कभी भी लता मंगेशकर का कोई शो अपने यहां नहीं कराया।

उन्होंने कहा, "मेहदी हसन भारत में एक संस्कारी व्यक्ति थे। जब उन्होंने भारत का दौरा किया, तो शबाना ने इसकी मेजबानी की, मैंने उस कार्यक्रम के लिए लिखा, जिसमें लता मंगेशकर और आशा भोसले जैसी हस्तियां शामिल थीं। फैज़ साहब जब आते थे, तो ऐसा लगता था कि कोई सत्ताधारी आ रहा है... हर तरफ उसका प्रसारण हो रहा था। क्या आपने कभी PTV पर साहिर (लुधियानवी), कैफ़ी (आज़मी) या (अली) सरदार जाफ़री का इंटरव्यू देखा है? ये भारत में दिखाया गया, वहां हुआ… तो बातचीत की नाकाबंदी दोनों तरफ से है और शायद आपकी तरफ से ज्यादा है।"

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