झारखंड के गढ़वा में चलती बस के दौरान ड्राइवर को हार्ट अटैक आ गया है। बस ड्राइवर नाम वीरेंद्र पांडेय बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, राजा साहब नाम की बस में यात्रियों को लेकर वह गढ़वा से रांची जा रहा था। बस स्टैंड से खुलने के आधे घंटे बाद ही वह वह गिर पड़ा। उस समय बस की स्पीड करीब 80KM/ घंटे बताई जा रही है। बस तहले नदी के पुल को क्रॉस कर रही थी। तभी ड्राइवर को हार्ट अटैक आया। बस में करीब 60 लोग सवार थे। बस अपने आप चली जा रही थी। करीब 500 मीटर चलने के बस खुद ही रुक गई।
ड्राइवर अपनी सीट पर ही औंधे मुंह गिर गया। बस में सवार यात्रियों ने ड्राइवर को CPR देना शुरू कर दिया। इसके बाद उसकी जान बच गई। फिर बस ड्राइवर को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब ड्राइवर को होश आया तो उसने कुछ ऐसा बयान दिया। जिसे सुनकर लोग हैरान रह गए।
80KM/ घंटे की रफ्तार से जा रही बस रुक गई
जिस समय ड्राइवर को हार्ट अटैक आया तब बस 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जा रही थी। लोकल 18 के साथ बातचीत करते हुए एक यात्री ने बताया कि बस की अचानक रफ्तार धीमी हो गई। 500 मीटर तक बिना ड्राइवर के कंट्रोल से चलकर रुक गई। ड्राइवर तहले नदी के पार होते ही बेहोश होकर गिर गया था। इसके बाद बस असंतुलित होकर करीब 500 मीटर तक अपने आप चलती गई। इस दौरान ड्राइवर का एक हाथ सीने पर था, जिससे लगा कि हार्ट अटैक आया है। यात्रियों ने सूझ बूझ का परिचय देते हुए फौरन ड्राइवर को CPR देना शुरू कर दिया। इसके बाद उप ड्राइवर ने 28 किमी दूर बस चलाकर मेदिनीनगर अस्पताल ले गया। यात्रियों का कहना है कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।
ड्राइवर के इस बयान से उड़ गए होश
वही जब अस्पताल में ड्राइवर को होश आया तो उसने एक अजीबो गरीब बयान दिया। जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। ड्राइवर ने कहा कि नदी पार करने के बाद उनकी आंखों के सामने कुछ चमका। फिर चारों तरफ चार लोग भाला लेकर दिखाई दिए। इसके बाद वो बस को साइड में करने लगे। फिर आगे क्या हुआ कुछ भी याद नहीं है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर वो भाला लिए हुए लोग कौन थे?