जेरोधा के फाउंडर ने बताया, बिजनेस लीडर्स को क्यों सुननी चाहिए 16 साल के बच्चों की बातें

जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत ने हाल में कहा है कि करियर बनाने या बिजनेस से जुड़े फैसलों में बच्चों से सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है। 'द पाथ वीडियो सीरीज' के लिए लिंक्डइन के सीईओ रेयान रोजलैंस्की (Ryan Roslansky) के साथ एक हालिया इंटरव्यू में कामत ने कहा, '20 साल आगे की प्लानिंग के लिए पिछली पीढ़ी की तरफ नहीं देखें। इसके बजाय यह देखें कि बच्चे क्या कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि बिजनेस क्षेत्र के लीडर्स को यह देखना चाहिए कि 16 साल का लड़का भविष्य में क्या चाह सकता है

अपडेटेड Jan 02, 2025 पर 10:14 PM
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38 साल के कामत पिछले साल हुरुन इंडिया की लिस्ट में सबसे कम उम्र के दानवीर थे।

जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत ने हाल में कहा है कि करियर बनाने या बिजनेस से जुड़े फैसलों में बच्चों से सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है। 'द पाथ वीडियो सीरीज' के लिए लिंक्डइन के सीईओ रयान रोस्लांस्की (Ryan Roslansky) के साथ एक हालिया इंटरव्यू में कामत ने कहा, '20 साल आगे की प्लानिंग के लिए पिछली पीढ़ी की तरफ नहीं देखें। इसके बजाय यह देखें कि बच्चे क्या कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि बिजनेस क्षेत्र के लीडर्स को यह देखना चाहिए कि 16 साल का लड़का भविष्य में क्या चाह सकता है। उन्होंने कहा, ' यह देखें कि 16 साल का लड़का क्या चाहता है और अगले 10 साल में वह क्या करेगा। साथ ही प्रेरणा लेने के लिए युवा पीढ़ी की तरफ देखें, न कि पुरानी पीढ़ी की तरफ।'

यह पूछे जाने पर कि 16 साल के बच्चे को क्या सुनना चाहिए, निखिल कामत ने कहा कि कल्चर, ट्रेंड्स, कंज्यूमर्स की जरूरतें आदि युवा पीढ़ी की अहम भूमिका होती है। उनका कहना था कि पुरानी पीढ़ी से सलाह अक्सर मौजूदा व्यवहारों और अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरती है। उदाहरण के लिए, आज का युवा अपना अधिकांश समय यूट्यूब, टिकटॉक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर बिताता हैं और इन प्लेटफॉर्म के जरिये फैशन, एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल को बढ़ावा मिलता है। कामत का मानना है कि बिजनेस यूनिट्स को प्रासंगिक और मैदान में बने रहने के लिए इन आदतों को समझना चाहिए।

हुरुन इंडिया की लिस्ट में सबसे कम उम्र के दानवीर

38 साल के कामत पिछले साल हुरुन इंडिया की लिस्ट में सबसे कम उम्र के दानवीर थे। जेरोधा के को-फाउंडर्स निखिल कामत और नितिन कामत ने की हुरुन की 2023 की दानवीरों की सूची में जगह बनाई थी। कामत बंधुओं ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों को 110 करोड़ रुपये का दान दिया था।


कामत ने रेनमैटर फाउंडेशन को 120 करोड़ रुपये का दान दिया और इस वजह से उन्होंने हुरुन इंडिया 2024 की लिस्ट में भी जगह बनाई। अपने भाई नितिन कामत के साथ निखिल कामत उन दानवीरों की सूची में 15वें स्थान पर हैं, जिन्होंने 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का दान दिया।

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