World Heart Day 2023: आमतौर पर हम अपनी दिल को लेकर एकदम बेफ्रिक रहते हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह हमारे शरीर में एक पंप सिस्टम की तरह काम करता है। अगर दिल या उसमें होने वाली ब्लड सर्कुलेशन में किसी भी तरह की गड़बड़ी हई तो व्यक्ति हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेल का शिकार हो सकता है। इसमें उसकी जान भी जा सकती है। दिल की सेहत ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए हमें अपनी डाइट में कुछ ऐसे बीज (Seeds) को शामिल कर सकते हैं। जो किसी नट्स से कम नहीं हैं।
इन बीजों में न सिर्फ प्रोटीन की मात्रा होती है, बल्कि काफी मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट्स और ओमेगा फैटी एसिड (Omega Fatty Acid) मौजूद होता है। इनमें चिया के बीज (Chia Seeds), फ्लैक्स सीड्स (Flaxseed Seeds) , कद्दू के बीज जैसी अन्य चीजें शामिल हैं। इससे हार्ट के जोखिम को कम किया जा सकता है।
डाइट में वसा युक्त चीजों को करें शामिल
दिल से संबंधित बीमारियों, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करने के लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में फलों, सब्जियों, दालों, नट्स, मछली और फैटयुक्त डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करें। अगर आपकी हेल्दी डाइट है तो गुड कोलेस्ट्रॉल में इजाफा होता है, जो कि हार्ट के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। वहीं बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर गिरने लगता है। दरअसल, असंतृप्त वसा (unsaturated fats), जिसमें मोनोसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट शामिल हैं। वे हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकते हैं। ऐसे में जो लोग सैचुरेटेड और ट्रांस फैट के मोनोसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड युक्त चीजों का सेवन करते हैं। उन्हें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे से बचाव में मदद मिलती है।
हाई फाइबर से दिल रहेगा चकाचक
फाइबर वाले फूड खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल नहीं बढ़ता है। इसलिए बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए फाइबर वाली चीजें खानी चाहिए। इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है। लिहाजा डाइट में नियमित रूप से नट्स और बीजों को शामिल करने से बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद मिलती है। जिससे दिल की सेहत अच्छी रहती है। नट्स में बादाम सबसे अच्छा विकल्प है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैट, विटामिन E, फाइबर और प्रोटीन होता है। बादाम में मौजूद मैग्नीशियम प्लैग को बनने से रोकता है और ब्लड प्रेशर को कम करता है। अखरोट, ओमेगा- 3 फैटी एसिड का एक और अच्छा स्रोत है, जो बेड कोलेस्ट्रॉल को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ाता है।