World Sleep Day: दुनिया भर में आज वर्ल्ज स्लीप डे (World Sleep Day) मनाया जा रहा है। मार्च महीने के हर तीसरे शुक्रवार को यह दिन मनाया जाता है। इसका मकसद ये है कि लोगों को कितना सोना चाहिए। नींद सेहत के लिए कितना फायदेमंद है। अधिक नींद लेना भी सेहत के लिए हानिकारक है। स्वस्थ रहने के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे सोना हर किसी के लिए जरूरी है। इससे आप शारीरिक और मानसिक रूप से फिट और हेल्दी रहते हैं। सुबह जब भरपूर नींद लेकर जागते हैं, तो सारा दिन अच्छा बीतता है। जिससे अपना काम फ्रेश मूड और पूरी तरह से ऊर्जावान और एक्टिव होकर कर पाते हैं।
वहीं, बहुत कम या बहुत अधिक सोना यानी 4-5 घंटे सोना या फिर 9 घंटे से भी अधिक सोते रहना सेहत के लिए हानिकारक होता है। बेहद कम सोने या बहुत अधिक सोने से कई तरह की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। अगर आप ज्यादा सो रहे हैं तो जानिए शरीर पर किस तरह का असर पड़ रहा है।
ज्यादा सोने से बढ़ सकता है मोटापा
मोटापा कई बीमारियों की जड़ है। ज्यादा सोने वाले लोगों में मोटापे का ज्यादा खतरा रहता है। ज्यादा सोने से शरीर की शारीरिक गतिविधियां सुसित हो जाती हैं। जिससे डाइजेशन पर असर पड़ता है। जो खाना खाते हैं वो फैट के रूप में जमा होने लगता है। अगर 8 या 9 घंटे से ज्यादा की नींद ले रहे हैं। इससे मोटापा होने की बहुत अधिक संभावना है।
ज्यादा सोना शरीर के लिए ही नहीं बल्कि दिल के लिए भी हानिकारक है। एक रिसर्च के मुताबिक, 9 से 11 घंटे तक सोने वाली महिलाओं को दिल की बीमारियों का खतरा 40 फीसदी बढ़ जाता है।
नींद अधिक लेने पर मोटापा तो होता ही है. इसके साथ ही कई अन्य बीमारियां भी शरीर में अपना घर बनाने लगती हैं। ज्यादा देर तक सोने की वजह से शारीरिक गतिविधियां काफी कम हो जाती है। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का खतरा होता है। ज्यादा सोने पर ब्लड में शुगर की मात्रा कंट्रोल से बाहर हो सकती है। डायबिटीज बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।
6 से 8 घंटे की नींद पर्याप्त
एक स्वस्थ इंसान के लिए 6 से 8 घंटे की नींद पर्याप्त है। सिर्फ 6 से 8 घंटे सोकर इंसान तरोताजा महसूस करता है। ज्यादा सोने से भी नुकसान होता है और कम सोना भी सेहत के लिए हानकारक है।
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