World Sleep Day 2023: दिनभर की थकान के बाद लोग रात को चैन की नींद सोते हैं। सेहतमंद रहने के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी होती है। लेकिन इन दिनों बिगड़ती लाइफस्टाइल की वजह से बहुत से लोग नींद की समस्या से जूझ रहे हैं। लिहाजा नींद से जुड़ी कई तरह की समस्याओं को दूर करने के मकसद से हर साल मार्च महीने के तीसरे शुक्रवार को वर्ल्ड स्लीप डे (World Sleep Day) के रूप में मनाया जाता है। आज 17 मार्च को वर्ल्ड स्लीप डे मनाया जा रहा है। इस मौके पर बेंगलुरु की एक कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों को एक दिन की छुट्टी देने का ऐलान किया है।
बेंगलुरु की वेकफिट (Wakefit) नाम की इस कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों एक ई-मेल भेजा है। इस आंतरिक ई-मेल में कंपनी ने कहा है कि हम नींद के प्रति काफी जागरूक हैं। हम स्लीप डे को एक त्योहार की तरह मानते हैं। खासकर उस समय जब यह शुक्रवार को पड़ रहा हो।
कंपनी पिछले साल की यह घोषणा
बेंगलुरु की ऑनलाइन कंपनी वेकफिट (Wakefit) की स्थापना साल 2016 में अंकित गर्ग चैतन्य रामालिंगगौड़ा ने की थी। कंपनी स्लीप सॉल्यशंस फर्म के तौर पर काम करती है। कंपनी मैट्रेसेज, पिलो, बेड, फ्रेम, मैट्रेस, नेक पिलो, बैक कुशन, कंबल, गद्दे जैसे सामानों की बिक्री करती है। कंपनी बेंगलुरु, जोधपुर और दिल्ली की फैक्ट्रियों में इन हाउस अपने सामान बनाती है। यह देशभर में अपने ऑनलाइन पोर्टल, ऑफलाइन रिटेल स्टोर के जरिए बिक्री करती है। कंपनी को को-फाउंडर चैतन्य रामालिंगगौड़ा (Ramalingegowda) ने कहा कि पिछले साल हमने सभी कर्मचारियों को वर्ल्ड स्लीप डे के मौके पर आधे घंटे की झपकी लेने की अनुमति दी थी।
ऑफिस में रोजाना 30 मिनट सो सकते हैं कर्मचारी
चैतन्य रामालिंगगौड़ा ने आगे कहा कि हमने काम के समय दोपहर में सभी कर्मचारियों को आधा घंटा सोने की इजाजत दी है। सभी कर्मचारी दोपहर 2 बजे से 2.30 बजे तक सो सकते हैं। इसके लिए कंपनी ने सभी कर्मचारियों को आधिकारिकतौर पर ईमेल भी किया है। इस मेल का स्क्रीनशॉट कंपनी ने सोशल मीडिया में शेयर किया है। इस बीच उन्होंने नासा (NASA) की एक स्टडी का हवाला देते हुए कहा कि 26 मिनट का झपकी से काम के प्रदर्शन में 33 फीसदी इजाफा होता है।
एक सेहतमंद जीवन के लिए नींद बेहद जरूरी होती है। नींद की कमी से कई तरह की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। लिहाजा नींद से जुड़ी समस्याओं से बचाव के लिए वर्ल्ड स्लीप सोसाइटी ने स्लीप डे की शुरुआत की। सबसे पहले साल 2008 में इस दिन को मनाया गया। वहीं मौजूदा समय में दुनियाभर के 88 से ज्यादा देशों में 'वर्ल्ड स्लीप डे' मनाया जाता है।
मौजूदा समय में लोग लगातार खराब जीवनशैली अपनाते जा रहे हैं। ऐसे में खराब दिनचर्या, गलत खानपान, तनाव, वर्क प्रेशर आदि के चलते नींद की कमी होने लगी है। ऐसे में इस दिन को मनाने का मकसद लोगों को नींद और सेहत के बीच जागदरूक करना है। साथ ही इस दिन का मकसद लोगों को यह समझाना है कि काम के साथ अच्छी नींद भी व्यक्ति के लिए बहुत जरूरी है। इस दिन वर्ल्ड स्लीप सोसाइटी की ओर से कई तरह के कार्यक्रम किए जाते हैं।