Zomato Warehouse Issue: अभी कुछ दिनों पहले जोमैटो के एक वेयरहाउस में आगे की डेट में पैक्ड मशरूम मिले थे। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अधिकारियों ने इसे पकड़ा था। अब इस मामले में जोमैटो के को-फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल ने सोमवार को अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि कंपनी के हैदराबाद में स्थित वेयरहाउस में 18 किग्रा के मशरूम के जिस पैकेट में आने वाले दिन की तारीख लिखी थी, उसे गोदाम वालों ने पहले ही पकड़ लिया था और क्वालिटी कंट्रोल चेक के दौरान इसे हटा दिया गया था। इसका मतलब हुआ कि जोमैटो के सीईओ के मुताबिक यह पैकेट मार्केट में नहीं आता।
Zomato Warehouse Issue: क्या है पूरा मामला?
FSSAI के अधिकारियों ने 29 अक्टूबर को हैदराबाद के कुकटपल्ली में जोमैटो के हाइपरप्योर वेयरहाउस की जांच की। जांच के दौरान उन्होंने पाया कि मशरूम के पैकेट पर 30 अक्टूबर यानी अगले आने वाले दिन की तारीख लिखी है। अब इस मामले में जोमैटो के सीईओ का कहना है कि बटन मशरूम के 90 पैकेट पर गलत पैकिंग डेट थी लेकिन उसे वेयरहाउस टीम ने पहले ही पहचान कर खारिज कर दिया था यानी उसे हटा दिया गया था।
मैनुअल टाइपिंग के कारण हुई गलती, वेंडर डीलिस्ट
जोमैटो के सीईओ का कहना है कि यह आम बात नहीं है लेकिन यह वेंडर की तरफ से मैनुअल टाइपिंग एरर के चलते हुई। दीपिंदर का कहना है कि इस मामले में वेंडर को जोमैटो के डेटाबेस से हटा दिया गया है। उन्होंने X (पूर्व नाम Twitter) पर आगे कहा कि कंपनी की अंदरूनी गाइडलाइंस काफी सख्त है और तकनीकी सिस्टम मजबूत है जिसके चलते जोमैटो की टीम ने समय रहते इस गलती का पता लगा लिया। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में फूड सेफ्टी इंस्पेक्शन में गोदाम को A+ रेटिंग मिला था।