Zombie drug: अमेरिका की सड़कों पर इन दिनों बड़ा ही दहशत का माहौल है। लोगों को आने वाले किसी खतरे की आशंका है और इसके पीछे कारण है- एक जोंबी ड्रग। इस दवा का नाम है Xylazine, जिसे "tranq", "tranq Dope" या जोंबी ड्रग के नाम से भी जाना जाता है। इस दवा का असर लोगों पर कुछ ऐसा होता है कि वे अपना होश खो बैठते हैं, उनमें सुस्ती सी छा जाती और लंबी-लंबी सांस लेने लगते हैं। इसके इस्तेमाल के बाद लोग अपने सहारे से खड़े तक नहीं हो पाते। अब इस पदार्थ को लेकर पब्लिक सेफ्टी का मुद्दा भी गंभीर हो गया है।
सोशल मीडिया पर फिलाडेल्फिया के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहे हैं, और सड़कों पर अजीबो गरीब हरकतें करते हुए दिख रहे हैं।
इस ड्रग को लेने वालों की स्किन पर कच्चे घाव हो सकते हैं, जो बार-बार संपर्क में आने से तेजी से फैल सकती है। इसकी शुरुआत अल्सर से होती है। ये डेड स्किन को हार्ड कर देता है, जिसे एस्कर कहते है और अगर इसका इलाज न कराया जाए, तो इसके बेहद ही घातक नतीजे होते हैं।
इस नॉन-ओपियोइड दवा का इस्तेमाल सबसे पहले हेरोइन के असर को कम करने के लिए किया गया था। फिर इसकी मौजूदगी ने फेंटेनाइल तक अपना रास्ता बना लिया, ये एक ऐसा ड्रग है, जिसकी बहुत छोटी खुराक में भी घातक साबित हो सकती है।
इसी तरह के वीडियो पिछले साल भी वायरल हुए थे:
"जोंबी ड्रग" का सबसे बड़ा खतरा ये है कि अगर इसे आप ज्यादा मात्रा में लेते हैं, तो आपके बचने की संभावना कम होती है। ऐसे लोगो पर फिर नालोक्सोन, या नारकन का असर तक नहीं होता हैं, जो सबसे आम ओवरडोज रिवर्सल ट्रीटमेंट है।
Xylazine पहली बार फिलाडेल्फिया में दिखाई दिया और जल्द ही सैन फ्रांसिस्को और लॉस एंजिल्स तक फैल गया। न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि जिन लोगों ने "जोंबी ड्रग" का इस्तेमाल किया है, उन्होंने बताया कि ये आपके अंदर की सभी खुशियों को मार देता है।
व्हाइट हाउस ने हाल ही में इस ड्रग को एक "उभरता हुआ खतरा" करार दिया था। फिलाडेल्फिया डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड बोर्ड ऑफ हेल्थ ने कहा, "Xylazine ने फिलाडेल्फिया का काफी ज्यादा नुकसान किया है। इससे ज्यादा से ज्यादा मृत्यु के साथ-साथ गंभीर घाव भी हो सकते हैं, जो सेप्सिस और एम्पुटेशन का कारण बन सकते हैं।"