यूपी की सरकार इमरजेंसी वॉर्ड के मरीजों के लिए खास स्कीम लॉन्च करने की तैयारी में है। इस स्कीम में सरकार इमरजेंसी वॉर्ड में भर्ती मरीजों के 48 घंटों तक इलाज का खर्च उठाएगी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को यह साफ कर दिया कि सरकार मरीजों के मुफ्त इलाज पर 3000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इन 3000 करोड़ रुपए में से 1614 करोड़ रुपए अगले 5 साल में बेसिक हेल्थ केयर फैसिलिटी डेवलप करने पर करेगी।
इसके अलावा 550 करोड़ रुपए हर साल ट्रॉमा और नॉन-ट्रॉमा मेडिसीन मरीजों के मुफ्त इलाज पर खर्च किया जाएगा। योगी आदित्यनाथ सरकार ने कहा है कि कुल 300 करोड़ रुपए एंबुलेंस सर्विस को बेहतर बनाने और 750 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाले एंबुलेंस खरीदने पर किया जाएगा।
इसके अलावा 165 करोड़ रुपए एंबुलेंस चलाने, स्टाफ को सैलरी देने और उनकी ट्रेनिंग पर खर्च किया जाएगा। यूपी सरकार ने बताया कि 125 करोड़ रुपए कॉल सेंटर, कमांड सेंटर, ऑपरेशन और सॉफ्टवेयर के मेंटेनेंस पर खर्च किया जाएगा।
यूपी के CMO ने बताया कि आदित्यनाथ सरकार हेल्थकेयर सेक्टर में सबको समान इलाज की सुविधा पर जोर देगी। इसके लिए राज्य के 75 जिलों में एक-एक मेडिकल कॉलेज भी बनाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसके पास Live Emergency Monitoring System होगा। इमरजेंसी वॉर्ड में शुरू के 48 घंटे किसी भी मरीज के लिए काफी अहम होते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर यूपी सरकार मुफ्त इलाज की सुविधा देने की तैयारी में है।