उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने किसान समृद्धि योजना (Kisan Samridhi Yojana) की अवधि पांच साल तक बढ़ा दी है। अब यह योजना 2026-27 तक जारी रहेगी। इस पर कुल 602.68 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।
किसान समृद्धि योजना 2017018 में शुरू की गई थी। इसका पूरा नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना है। इसके तहत बंजर और जल भराव वाली जमीन को खेती लायक बनाया जाता है। इससे फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।
इस योजना पर खर्च की जाने वाली 602. 68 करोड़ रुपये की रकम में से 501.59 करोड़ रुपये राज्य सरकार की तरफ से खर्च किए जाएंगे। 51.25 करोड़ रुपये मनरेगा के जरिए खर्च किए जाएंगे। 40.84 करोड़ रुपये किसानों की तरफ से खर्च किए जाएंगे। बुधवार को योजना की अवधि बढ़ाने के फैसले के बाद सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
प्रवक्ता ने बताया कि इस स्कीम के तहत 2,19,250 लाख हेक्टेयर जमीन को खेती लायक बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश के कुल 75 जिलों में से 74 में इस स्कीम को लागू किया जाएगा। सिर्फ गौतम बुद्ध नगर जिले में यह स्कीम लागू नहीं होगी। बुधवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस योजना में बदलाव करने के लिए अधिकृत किया गया।
इस योजना से कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। साथ ही ग्राउंड वाटर लेवल में सुधार होगा। करीब पांच साल पहले लागू इस स्कीम के तहत 1,57,190 हेक्टेयर जमीन को खेती लायक और ज्यादा उपजाऊ बनाया गया है। सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि इस स्कीम के तहत 332 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
यूपी देश के प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों में से एक है। यहां चावल, गेहूं, मक्का सहित कई फसलों का उत्पादन होता है। राज्य की करीब आधी आबादी जीविकोपार्जन के लिए कृषि पर निर्भर है।