गैंगस्टर से राजनेता बने माफिया अतीक अहमद (Atiq Ahmed) को गुजरात की साबरमती जेल (Sabarmati jail) से सड़क के रास्ते उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) लाया जा रहा है। अतीक अहमद को साबरमती जेल से लेकर प्रयागराज के लिए यूपी पुलिस (UP Police) की टीम निकल चुकी है। उसे यूपी पुलिस के काफिले के साथ प्रयागराज लाया जा रहा है। अतीक इस जेल में जून 2019 से बंद है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, अपहरण के एक मामले में फैसला 28 मार्च को सुनाया जाएगा। अतीक अहमद सहित मामले के सभी आरोपियों को उसी दिन अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया है।
साबरमती जेल से बाहर निकलने के बाद अतीक ने अपनी जान को खतरा बताया। सूत्रों ने कहा था कि 60 वर्षीय माफिया यूपी आने से इनकार कर दिया था। वह अपहरण के मामले में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए कोर्ट में पेश होना चाहता था। यूपी STF ने वैन में बैठाकर शाम करीब 6 बजे प्रयागराज के लिए रवाना हुई। दो वैन में करीब 30 हथियारबंद यूपी पुलिस के जवान मौजूद हैं। जेल के बाहर अतीक ने मीडिया से कहा, 'ये मेरी हत्या करना चाहते हैं।' प्रयागराज लाने के दौरान अतीक यूपी पुलिस की वैन में करीब 1,300 किलोमीटर का रास्ता तय करेगा।
माफिया के चेहरे पर दिखा खौफ
सूत्रों ने कहा कि अतीक अहमद को डर है कि उसे प्रयागराज ले जाते समय या तो फर्जी एक्सीडेंट या फेक एनकाउंटर में मार दिया जाएगा। जेल से निकलते हुए माफिया के चेहरे पर खौफ साफ दिख रहा था। अतीक ने पहला बयान देते हुए कहा कि मेरी हत्या करना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, "हम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं। कोर्ट जो कहेगा वो किया जाएगा। इस तरह की बातचीत से कोई फर्क नहीं पड़ता।"
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज जब अतीक अहमद को उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम हिरासत में लेने पहुंची तो उसने साबरमती जेल से बाहर आने से इनकार कर दिया। सूत्रों ने कहा कि यूपी पुलिस की टीम ने जेल अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा की, जिन्होंने उसे काफी समझाया तब जाकर वह प्रयागराज आने को तैयार हुआ। सूत्रों ने कहा कि माफिया कह रहा था कि शीर्ष अदालत के आदेश पर ही वह यूपी जाएगा।
बता दें कि अतीक अहमद 2005 में तत्कालीन BSP विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है। उसके खिलाफ उमेश पाल की हत्या के मामले में हाल ही में मामला दर्ज किया गया था। उमेश पाल, राजू पाल की हत्या का मुख्य गवाह था। 24 फरवरी को यूपी के प्रयागराज में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में शामिल एक शूटर को इस महीने की शुरुआत में एक एनकाउंट में मार गिराया गया था।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में रविवार तड़के पुलिस से कथित तौर पर हुई मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हुए 25 हजार रुपये के एक इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके माफिया अतीक अहमद का नजदीकी होने का दावा किया है। SP राजेश कुमार सिंह ने बताया कि रविवार तड़के करीब पौने पांच बजे मुखबिर की सूचना पर खखरेरू थाना पुलिस और स्वाट टीम ने कुल्ली गांव के जंगल में काले बाबा की मजार के पास 25 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद जर्रार अहमद (44) की घेराबंदी की।
पुलिस के ललकारने पर अहमद ने पुलिस पर गोली चला दी। उन्होंने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अहमद के दाएं पैर में गोली लगी है, जिससे वह घायल होकर गिर गया। उन्होंने बताया कि बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी ने बताया कि जर्रार अहमद का भाई मोहम्मद अहमद भी 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश है। उन्होंने बताया कि उसे कुछ दिन पूर्व गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।