Uttarakhand Rains: उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश के कारण अलग-अलग घटनाओं में 6 लोगों की मौत हो गई है। हरिद्वार जिले में बारिश की वजह से एक मकान ढहने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और छह अन्य लोग घायल हो गए। वहीं, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। टिहरी के घनसाली में नाला उफान पर होने से सड़क किनारे बना एक रेस्टोरेंट और कम से कम 8 गाड़ियां बह गईं। रेस्टोरेंट के बह जाने से रेस्टोरेंट के मालिक, उनकी पत्नी और बेटे की मौत हो गई।
इस बीच, उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण आए भूस्खलन और बाढ़ के बाद गुरुवार (1 अगस्त) को चार धाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई। अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा फिलहाल रोक दी गई है।
समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा सलाह जारी की है। अधिकारियों ने भक्तों से मौसम की स्थिति में सुधार होने तक अपनी यात्रा स्थगित करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
उत्तराखंड के DGP अभिनव कुमार ने तीर्थयात्रियों से सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने सुरक्षित स्थानों पर रहने के महत्व पर जोर दिया और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा। डीजीपी ने कहा, "मौसम विभाग ने उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आपकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।"
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के सात जिलों में भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और चंपावत शामिल हैं। बुधवार 31 जुलाई की रात 9 बजे भीमबली गदेरा में बादल फटने से रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग कई जगहों पर ध्वस्त हो गया। बादल फटने के बाद 30 मीटर सड़क धंस गई और उफनती मंदाकिनी नदी में गिर गई।
सुरक्षा कारणों से मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। क्षेत्र में बादल फटने की सूचना के बाद राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), जिला पुलिस और स्थानीय अधिकारियों समेत आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, केदारनाथ मार्ग पर भीमबली चौकी के पास पैदल मार्ग बह जाने से कम से कम 200 तीर्थयात्री फंस गए हैं। इसके अलावा सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को छू गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरी होने पर ही घर से निकलें और अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि लोगों और यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस बीच गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने चारधाम यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर जिलाधिकारियों से गुरुवार को यात्रा के संबंध में अपने स्तर पर निर्णय लेने को कहा है। इसके अलावा हरिद्वार और ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन केंद्र पर पंजीकरण प्रक्रिया भी गुरुवार को बंद रहेगी।
भारी बारिश के अलर्ट के चलते देहरादून और नैनीताल जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। हरिद्वार में बुधवार शाम को कुछ घंटों तक हुई मूसलाधार बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया और कांवड़ियों का एक वाहन बह गया। शहर के कई इलाकों की सड़कें जलमग्न हो गईं और कनखल थाने में भी बारिश का पानी घुस गया।
ANI के अनुसार, टिहरी गढ़वाल के घनसाली क्षेत्र के जखन्याली में बादल फटने के बाद लापता हुए दो लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। एक अन्य घटना में भारी बारिश के कारण हरिद्वार के भोरी डेरा क्षेत्र में एक जर्जर मकान की छत गिर गई, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई और 9 अन्य घायल हो गए।