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Tunnel Collapse: उत्तरकाशी में अंतिम चरण में पहुंचा रेस्क्यू ऑपरेशन! किसी भी समय बाहर आ सकते हैं मजदूर

Uttarkashi Tunnel Collapse: दिल्ली में एक आधिकारिक अपडेट जानकारी के अनुसार बुधवार शाम 6 बजे तक मलबे में 44 मीटर तक एस्केप पाइप (निकासी के लिए) डाला जा चुका था। इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि 41 मजदूरों तक पहुंचने के लिए अमेरिका निर्मित ऑगर मशीन को 57 मीटर तक मलबों से होते हुए ड्रिलिंग करनी होगी

Akhileshअपडेटेड Nov 23, 2023 पर 11:01 AM
Tunnel Collapse: उत्तरकाशी में अंतिम चरण में पहुंचा रेस्क्यू ऑपरेशन! किसी भी समय बाहर आ सकते हैं मजदूर
Uttarkashi Tunnel Collapse: श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए विभिन्न एजेंसियों का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है

Uttarkashi Tunnel Collapse: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में 12 दिनों से फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान गुरुवार को अंतिम चरण में पहुंच गया। सुरंग में आखिरी पाइप डाला जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। सुरंग के बाहर 41 एंबुलेंस को तैयार रखा गया है और डॉक्टरों को घटनास्थल पर बुला लिया गया है। उत्तराखंड CMO ने बताया कि सिलक्यारा सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को बचाने की तैयारी अंतिम चरण में है। सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद उत्तरकाशी में मौजूद हैं।

घटनास्थल पर काम कर रहे एक इलेक्ट्रीशियन ने बताया कि आखिरी पाइप डाला जा रहा है। बुधवार शाम मलबे से 800 मिलीमीटर व्यास वाले स्टील पाइप की ड्रिलिंग में उस समय बाधा आई जब लोहे की कुछ छड़ें ऑगर मशीन के रास्ते में आ गई थीं।

सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों के लिए चिन्यालीसौड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 41 बिस्तरों वाला एक अलग वार्ड तैयार किया गया है। सुरंग से बाहर निकलते ही उन्हें यहां भर्ती किया जाएगा। मजदूरों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 41 एंबुलेंस सुरंग के बाहर मौजूद हैं।

दिल्ली में एक आधिकारिक अपडेट जानकारी के अनुसार बुधवार शाम 6 बजे तक मलबे में 44 मीटर तक एस्केप पाइप (निकासी के लिए) डाला जा चुका था। इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि 41 मजदूरों तक पहुंचने के लिए अमेरिका निर्मित ऑगर मशीन को 57 मीटर तक मलबों से होते हुए ड्रिलिंग करनी होगी।

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