Vice President Salary: जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) देश के अगले उपराष्ट्रपति होंगे। उन्होंने कांग्रेस की अगुआई वाली UPA की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा (Mrgaret Alva) को उपराष्ट्रपति चुनाव में हरा दिया है। धनखड़ को चुनाव में 528 वोट मिले हैं। वहीं अल्वा को 182 वोट मिले हैं। जबकि 15 वोटों को रद्द कर दिया गया है। 10 अगस्त को धनखड़ उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। उपराष्ट्रपति को 4 लाख रुपये महीने सैलरी मिलती है। इसके अलावा उन्हें कई भत्ते भी मिलते हैं।
वरियता क्रम में राष्ट्रपति के बाद उपराष्ट्रपति का पद देश का सबसे बड़ा संवैधानिक पद होता है। वे राज्यसभा में सभापति के रूप में कार्य करते हैं। अगर किसी वजह से राष्ट्रपति का पद खाली होता है तो उपराष्ट्रपति उनकी जिम्मेदारी भी संभालते हैं। यानी राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति को ही सारी जिम्मेदरी संभालनी होती है। वहीं पद के लिहाज से उप राष्ट्रपति प्रधानमंत्री से भी बड़े माने जाते हैं।
उपराष्ट्रपति को मिलती हैं ये सुविधाएं
देश के उपराष्ट्रपति की सैलरी 'संसद अधिकारी की सैलरी और भत्ते अधिनियम, 1953' के तहत निर्धारित किया गया है। उपराष्ट्रपति को कोई वेतन नहीं मिलता है। हालांकि, उपराष्ट्रपति राज्यसभा का अध्यक्ष भी होता है। इसलिए उन्हें अध्यक्ष के तौर पर वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। उन्हें हर महीने 4 लाख रुपये वेतन के तौर पर दिया जाता है। इसके अलावा उन्हें कई तरह के भत्ते भी मिलते हैं। उपराष्ट्रपति का वेतन 2018 में बढ़ाया गया था। इसके पहले उन्हें 1.25 लाख रुपये सैलरी मिलते थे।
इसके अलावा उन्हें भत्ते और पेंशन की सुविधा मिलती है। इनमें ट्रेन और हवाई सफर की मुफ्त सुविधा, चिकित्सा, डेली अलाउंस, गाड़ी, लैंडलाइन कनेक्शन, मोबाइल फोन की सुविधा और सुरक्षा स्टाफ शामिल हैं।
जानिए कितनी मिलती है पेंशन
उपराष्ट्रपति की पेंशन उनकी सैलरी की 50 फीसदी होती है। रिटायरमेंट के बाद भी उन्हें पेंशन के साथ तमाम तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। संविधान में प्रावधान किया गया है कि जब उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उनकी जिम्मेदारी संभालेंगे तो उस दौरान उनको राष्ट्रपति की सैलरी दी जाएगी। यानी उस दौरान उनकी सैलरी राष्ट्रपति जितनी ही होगी। वह राष्ट्रपति जैसी हर सुविधा पाने के हकदार होंगे।