Rain Forecast: राजस्थान और ओडिशा सहित इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी, जानें अन्य राज्य में कैसा रहेगा मौसम
IMD के अनुसार बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के तट पर एक और नया, गहरा, कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके अब और तीव्र होकर गहरे दबाव में बदलने एवं अगले 1-2 दिनों में ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश से होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है
MoneyControl News
अपडेटेड Aug 19, 2022 पर 2:30 PM
पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर संभाग के जिलों में 20 अगस्त की रात से ही बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी
Rain Forecast: इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने राजस्थान और ओडिशा सहित कुछ अन्य राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी जारी की है। IMD के मुताबिक, ओडिशा में कम दबाव का एक क्षेत्र बनने से अगले दो दिनों में मूसलाधार बारिश होने के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र बनने के साथ ही मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। एक बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार की सुबह उत्तरी खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने और इसके गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को गहरे समुद्र से तट पर लौटने को कहा है। मछुआरों को अगले दो दिनों तक ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है। उत्तरी खाड़ी के ऊपर 45-65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है।
भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी
मौसम विभाग ने शुक्रवार को ओडिशा के क्योंझर और मयूरभंज के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया। इससे नदी के जल स्तर में वृद्धि हो सकती है और बाढ़ आने की आशंका है तथा भूस्खलन हो सकता है।
विभाग ने कटक, जगतसिंहपुर और संबलपुर सहित 14 जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया। खुर्दा और पुरी समेत सात जिलों के लिए भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। विभाग ने शनिवार को 8 जिलों में बारिश और 7 में भारी बारिश की आशंका जताई है।
राजस्थान में फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर
बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के तट पर बने कम दबाव के एक नए क्षेत्र के चलते इस वीकेंड से राजस्थान के अनेक इलाकों में भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। हालांकि राज्य में बारिश की गतिविधियां बीते चौबीस घंटे में धीमी पड़ी हैं।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के तट पर एक और नया, गहरा, कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके अब और तीव्र होकर गहरे दबाव में बदलने एवं अगले 1-2 दिनों में ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश से होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है।
इसके असर से पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर संभाग के जिलों में 20 अगस्त की रात से ही बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। जबकि 21-22 अगस्त को राज्य के कोटा, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग के अधिकतर भागों में बारिश एवं कहीं-कहीं भारी से लेकर अति भारी बारिश होने की संभावना है।
विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में अगले दो दिन केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने एवं अधिकतर भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। जोधपुर, बीकानेर संभाग के जिलों में नए कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 21-22 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी तथा 22-23 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिम बंगाल
उत्तरी बंगाल की खाड़ी में शुक्रवार को निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे वीकेंड के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल में व्यापक पैमाने पर बारिश का अनुमान है। मौसम कार्यालय ने बताया कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के कारण शुक्रवार से रविवार तक गांगेय पश्चिम बंगाल के जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में एक या दो स्थानों पर बादल गरजने के साथ बारिश का अनुमान जताया है।
दिल्ली में होगी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी वीकेंड के दौरान बारिश होने की संभावना है। जुलाई में अतिरिक्त बारिश होने के बाद सफदरजंग वेधशाला ने अगस्त में अब तक महज 27.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की, जबकि इस दौरान सामान्यत: 131.9 मिमी. बारिश होती है। कुल मिलाकर उसने मानसून शुरू होने के बाद 1 जून से लेकर अब तक 337.9 मिमी. बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस दौरान 415.7 मिमी. बारिश होती है। दिल्ली में अगस्त में औसतन 247.7 मिमी. बारिश होती है।