पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में विजयदशमी के अवसर पर बुधवार शाम मूर्ति विसर्जन के दौरान अचानक बाढ़ आने की वजह से कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई। घटना के वक्त सैकड़ों की संख्या में लोग माल नदी के तट पर मूर्ति विसर्जन के लिए जुटे थे। जिलाधिकारी मौमिता गोदारा बसु ने यह जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने बताया कि दुर्गा मां की मूर्ति के विसर्जन के दौरान बुधवार को मल नदी में बहाव अचानक तेज होने के कारण बहे 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य अब भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों में 7 महिलाएं भी शामिल हैं। यह घटना बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे उस समय हुई, जब विसर्जन के लिए सैकड़ों लोग मल नदी के किनारे एकत्रित हुए थे।
जलपाईगुड़ी जिला मजिस्ट्रेट मौमिता गोदारा ने पीटीआई से कहा कि नदी में पानी का बहाव अचानक तेज होने से लोग बह गए। अभी तक 8 शव बरामद किए गए हैं और 50 लोगों को बचाया गया है। उन्होंने बताया कि मामूली रूप से घायल 13 लोगों को एक नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोदारा ने कहा कि NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल), SDRF (राज्य आपदा मोचन बल), पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बुलु चिक बराइक ने मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई है। बराइक मल विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं।
उन्होंने कहा कि जब हादसा हुआ, उस समय मैं मौके पर मौजूद था। कई लोग बह गए और नदी का बहाव बेहद तेज था। एक अधिकारी ने बताया कि घटना के समय वहां सैकड़ों लोग मौजूद थे। अब भी कई लोग लापता हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताते हुए मृतकों के परिवारवालों को श्रद्धांजलि दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, "पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में दुर्गा पूजन के त्योहार पर हुए हादसे से मन आहत है। मैं उन लोगों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं, जिन्होंने इस हादसे में अपनों को खोया है"
बराइक और तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने घटना पर दुख जताया और राज्य प्रशासन से बचाव कार्य तेज करने का अनुरोध किया है।