Assam Bandh Today: असम के छह जातीय समुदायों (Six ethnic groups) को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग को लेकर आज यानी मंगलवार को 12 घंटे के राज्यव्यापी बंद (statewide shutdown) का आह्वान किया है। छह जातीय समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग करने वाले प्लेटफॉर्म ‘सोय जनगोष्ठी जौथा मंच’ (Soy Janagosthi Joutha Mancha) द्वारा बंद का आह्वान किया गया है। यह फोरम छह जातीय समुदायों आदिवासी, चुटिया, कोच-राजबोंगशी, मटक, मोरन और ताई-अहोम का एक ज्वाइंट प्लेटफॉर्म है।
फोरम ने केंद्र और असम में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकारों की जमकर खिंचाई की। फोरम ने राज्य और केंद्र सरकारों पर "छह समुदायों की भावनाओं के साथ खेलने" का आरोप लगाया। उन्होंने आगे दावा किया कि एसटी दर्जे की मांग लंबे समय से लंबित है। लेकिन न तो राज्य और न ही केंद्र सरकार इस मुद्दे पर कोई उचित कदम उठाने की इच्छुक है।
30 नवंबर को जंतर-मंतर पर धरना
समुदायों के नेताओं ने कहा कि उनके पास सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए बंद का आह्वान करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। छह समुदायों के छत्र संगठन ने 30 नवंबर को दिल्ली के जंतर मंतर में ‘धरना’ की भी योजना बनाई है।
इस बीच, असम आदिवासी सम्मेलन (AAS) ने मंगलवार को आदिवासी नायक बिरसा मुंडा की जयंती होने के मद्देनजर संयुक्त फोरम से बंद के आह्वान को वापस लेने का आग्रह किया है। AAS के महासचिव डेविड होरो ने कहा कि छह जातीय समूहों द्वारा उठाई गई मांगों पर हमारा पूरा समर्थन है। हमने उनसे बिरसा मुंडा (Birsa Munda) के जन्मदिन के मद्देनजर बंद को वापस लेने का अनुरोध किया है।