Adani Enterprises FPO: अडानी एंटरप्राइज ने अपना FPO कैंसल कर दिया है। कंपनी का 20,000 करोड़ रुपए का एफपीओ 27 जनवरी को खुला और 31 जनवरी को बंद हुआ था। लेकिन 1 फरवरी की रात रॉयटर्स के मुताबिक कंपनी ने FPO कैंसल कर दिया है। कंपनी निवेशकों का पैसा अब रिटर्न करने वाली है। यह पूरा मामला तब उठा था जब अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी Hindenburg Research का कंपनी के साथ विवाद शुरू हुआ था। अमेरिकी कंपनी ने अडानी पर आरोप लगाया था कि कंपनी ने टैक्स हैवेन का गलत इस्तेमाल करती है।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया, "कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 1 फरवरी 2023 को एक मीटिंग में यह शेयर सेल वापस लेने का फैसला लिया है।"
FPO को तीसरे दिन मिला था बेहतरीन रिस्पॉन्स
बता दें कि अडानी एंटरप्राइजेज के FPO को काफी बेहतरीन रिस्पॉन्स मिला था। तीसरे दिन तक यह इश्यू पूरा भर गया था और इसे 1.02 फीसदी का सब्सक्रिप्शन मिला था। अडानी एंटरप्राइजेज के तहत 4.55 करोड़ शेयरों की बिडिंग होनी थी। जिसमें 4.62 करोड़ शेयरों के लिए बोली हासिल हुई थी। हालांकि अडानी एंटरप्राइजेज के फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर को लेकर खुदरा निवेशकों का रुझान बेहतर नहीं दिख रहा था। इसकी वजह ये थी कि अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर एफपीओ के प्राइस बैंड भी काफी कम थे। खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा केवल 11 फीसदी तक ही सब्सक्राइब हो पाया था।
एंकर निवेशकों ने दिखाया था उत्साह
अडानी एंटरप्राइजेज का इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 27 जनवरी को खुला था। वहीं एंकर निवेशकों के लिए यह शेयर 25 जनवरी को खुला था। एंकर निवेशकों ने 6000 करोड़ रुपये के शेयरों के लिए बोली लगाई थी। बता दें कि 20 हजार करोड़ रुपये के इस FPO के लिए पहले दिन केवल 1 फीसदी और दूसरे दिन 3 फीसदी की बोली मिली थी। इस इश्यू के लिए 3,112-3,276 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड फिक्स किया गया था। इश्यू के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल ग्रान हाइड्रोजन सिस्टम के कुछ प्रोजेक्ट्स की फंडिंग, एयरपोर्ट की मौजूदा फैसिलिटी को सुधारने और नए एक्सप्रेसवेज को बनाने में खर्च किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी कुछ सब्सिडरी जैसे कि अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग, अडानी रोड ट्रांसपोर्ट और मुंदड़ा सोलर के कुछ लोन को चुकाने में भी किया जाएगा।