Get App

Aequs IPO: प्राइस बैंड फिक्स, ग्रे मार्केट में शेयर रॉकेट, लेकिन घाटे में चल रही कंपनी

Aequs IPO: अगले महीने मेनबोर्ड यानी बीएसई और एनएसई पर पहली एंट्री का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। एक्वस ने अपने ₹921 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड फिक्स कर दिया है। इसके आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। जानिए एक्वस का कारोबार क्या है, इसकी सेहत कैसी है, और ग्रे मार्केट में इसके शेयरों का क्या हाल है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Nov 28, 2025 पर 2:04 PM
Aequs IPO: प्राइस बैंड फिक्स, ग्रे मार्केट में शेयर रॉकेट, लेकिन घाटे में चल रही कंपनी
Aequs IPO: एक्वस का ₹921.81 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 3-5 दिसंबर के बीच खुला रहेगा।

Aequs IPO: कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग फर्म एक्वस का आईपीओ का प्राइस बैंड फिक्स हो चुका है। इश्यू खुलने पर निवेशक इसमें ₹118-₹124 के प्राइस बैंड में पैसे लगा सकेंगे। यह इश्यू अगले महीने 3 दिसंबर को खुलेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 2 सितंबर को खुलेगा। इसके ₹921 करोड़ के आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे और साथ ही साथ ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत प्रमोटर्स और शेयरहोल्डर भी शेयरों की बिक्री करेंगे। ग्रे मार्केट में बात करें तो इसके शेयर ₹25 यानी 20.16% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Aequs IPO की डिटेल्स

एक्वस का ₹921.81 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 3-5 दिसंबर के बीच खुला रहेगा। इसके आईपीओ में ₹118-₹124 के प्राइस बैंड और 120 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे। इश्यू का 75% हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15% नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स और 15% खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 8 दिसंबर को फाइनल होगा। फिर BSE और NSE पर 10 दिसंबर को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार केफिन टेक है।

इस आईपीओ के तहत ₹₹670.00 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2,03,07,393 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹433.17 करोड़ कर्ज हल्का करने, और बाकी पैसों का इस्तेमाल मशीनरी की खरीदारी, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा। कुछ पैसे सब्सिडरीज में भी निवेश होंगे।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें