औफिस स्पेस सॉल्यूशंस के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। अब कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग कल यानी 30 मई को होने वाली है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन निवेशकों को इसके शेयर अलॉट हुए हैं, उन्हें लिस्टिंग पर 25-30 फीसदी का मुनाफा हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी घाटे में चल रही है, लेकिन इसके बावजूद एक्सपर्ट्स ने पॉजिटिव लिस्टिंग की उम्मीद जताई है। एक्सपर्ट्स के अनुसार मजबूत आईपीओ सब्सक्रिप्शन नंबर, एसेट लाइट बिजनेस मॉडल, हेल्दी ग्रोथ की संभावना और फर्स्ट मूवर एडवांटेज कुछ ऐसे फैक्टर्स हैं, जिसका कंपनी को फायदा मिल सकता है।
Awfis Space Solutions IPO: क्या है एक्सपर्ट्स की राय
आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स में इनवेस्टमेंट सर्विसेज के फंडामेंटल रिसर्च हेड नरेंद्र सोलंकी ने कहा, "हमारा मानना है कि आईपीओ के लिए लिस्टिंग प्राइस 500-520 रुपये प्रति शेयर (383 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस के मुकाबले) की रेंज में हो सकता है।"
मेहता इक्विटीज के सीनियर वीपी रिसर्च, रिसर्च एनालिस्ट प्रशांत तापसे ने कहा, "आईपीओ सब्सक्रिप्शन की अच्छी डिमांड इस वजह से देखी गई क्योंकि यह इस तरह के कारोबार की पहली लिस्टिंग है और निवेशकों के मौके को भुनाने के लिए शुरुआती मूवर एडवांटेज है। इसलिए, यह 383 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस के मुकाबले 25-30 फीसदी की रेंज में हेल्दी लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।"
Awfis Space Solutions IPO: ग्रे मार्केट का लेटेस्ट अपडेट
ग्रे मार्केट में की बात करें तो कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस से लगभग 22-30 फीसदी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। ग्रे मार्केट लिस्टिंग तक आईपीओ शेयरों में ट्रेडिंग के लिए एक अनऑफिशियल प्लेटफॉर्म है। कंपनी का इरादा इश्यू के जरिए 599 करोड़ रुपये जुटाने का है। निवेशकों के पास इस आईपीओ में 27 मई तक निवेश का मौका रहेगा। कंपनी ने इश्यू के लिए 364-383 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
Awfis Space Solutions IPO: 108 गुना सब्सक्राइब हुआ है इश्यू
सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन तक यह इश्यू 108.56 गुना सब्सक्राइब हो गया। इस आईपीओ को कुल 93.33 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली है जबकि ऑफर पर 86.29 लाख शेयर हैं। इसमें सबसे ज्यादा निवेश नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने किया है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 116.95 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 129.27 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स का हिस्सा 53.21 गुना सब्सक्राइब हुआ है।