बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance), अपनी सब्सिडियरी कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की तैयारी में है। इसके लिए बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने कई इनवेस्टमेंट बैंकरों के साथ प्रारंभिक स्तर की बातचीत शुरू की है। मनीकंट्रोल को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बजाज हाउसिंग फाइनेंस अपने इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को 9 से 10 अरब डॉलर (करीब 83,000 करोड़ रुपये) के वैल्यूएशन पर लाना चाहती है।
सूत्रों ने बताया कि RBI के 'अपर लेयर' की कैटेगरी में निर्धारित नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) के लिए इस लिस्ट में आने के 3 साल के भीतर शेयर बाजार में खुद लिस्ट कराना अनिवार्य है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने इसी नियम को ध्यान में रखते हुए संभावित IPOs के लिए बातचीत शुरू की है।
एक सूत्र ने बताया, "अभी सबकुछ शुरुआती चरण में है और कंपनी पब्लिक शेयरहोल्डिंग की न्यूनतम सीमा और अपेक्षित वैल्यूएशन को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताविक IPO से 900 से 1 अरब डॉलर तक जुटा सकती है।" हालांकि उन्होंने साथ में यह भी कहा कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है और बाजार की स्थितियों के आधार पर आईपीओ का साइज और अन्य चीजें बदल सकती हैं।
बता दें कि बजाज हाउसिंग फाइनेंस को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्धारित मानकों के तहत सितंबर 2025 तक सूचीबद्ध होना है। एक दूसरे व्यक्ति ने बताया कि बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने प्रस्तावित लिस्टिंग के लिए कुथ चुनिंदा घरेलू और विदेशी इनवेस्टमेंट बैंकों के एक समूह के साथ प्रारंभिक बातचीत की थी।
इस व्यक्ति ने कहा, "जल्द ही इनवेस्टमेंट बैंकरों का एक सिंडिकेट चुना जाएगा, और यह सौदा आने वाले हफ्तों में शुरू होने की संभावना है। यह लंबे अंतरात के बाद प्रतिष्ठित बजाज ग्रुप का पहला IPO होगा।"
बजाज हाउसिंग फाइनेंस की योजनाओं से वाकिफ एक तीसरे व्यक्ति ने बताया कि आईपीओ में नए शेयर और ऑफर-फॉर-सेल (OFS) दोनों शामिल होगा। खबर लिखे जाने तक बजाज फाइनेंस और बजाज हाउसिंग फाइनेंस को ईमेल से भेजे गए सवालों का जवाब नहीं आया था।
जाज हाउसिंग फाइनेंस के अलावा टाटा संस, HDB फाइनेंशियल सर्विसेज, टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज, आदित्य बिड़ला फाइनेंस और सांघवी फाइनेंस को भी RBI ने 'अपर लेयर' की NBFC फर्म के रूप में नोटिफाई किया है।