Belrise Industries IPO: पुणे स्थित ऑटोमोटिव कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी बेलराइज इंडस्ट्रीज अपना आईपीओ लाने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर दिया है। कंपनी का इरादा पब्लिक इश्यू के जरिए 2150 करोड़ रुपये जुटाने का है। इस आईपीओ के तहत केवल फ्रेश इक्विटी शेयर जारी होंगे और इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) कंपोनेंट नहीं है। इसका मतलब है कि आईपीओ से होने वाली पूरी आय कंपनी को जाएगी।
Belrise Industries IPO के बारे में
बेलराइज इंडस्ट्रीज अपने आईपीओ लॉन्च से पहले प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए 430 करोड़ रुपये जुटाने पर विचार कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो नए इश्यू का आकार कम हो जाएगा। एक्सिस कैपिटल, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स इंडिया, जेफरीज इंडिया और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स को इस इश्यू के लिए मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया है।
कर्ज कम करना चाहती है Belrise Industries
इस आईपीओ का मुख्य मकसद 1618.08 करोड़ रुपये (जो कुल उधार का 62.52 फीसदी है) के कर्ज के बोझ को कम करना और डेट-इक्विटी रेश्यो में सुधार करना है। शेष फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
Belrise Industries का बिजनेस
बेलराइज इंडस्ट्रीज साल 1996 में इनकॉर्पोरेट हुई है, जिसका मुकाबला भारत फोर्ज, ऊनो मिंडा, मदरसन सुमी वायरिंग इंडिया, जेबीएम ऑटो, एंड्यूरेंस टेक्नोलॉजीज और मिंडा कॉर्पोरेशन जैसी लिस्टेड कंपनियों से है।
यह भारत में कुल टू-व्हीलर मेटल कंपोनेंट्स सेगमेंट में 24 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ इस सेगमेंट की टॉप तीन कंपनियों में से एक है। बजाज ऑटो, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया, हीरो मोटोकॉर्प, जगुआर लैंड रोवर और रॉयल एनफील्ड मोटर्स जैसी प्रमुख मल्टीनेशनल OEM के साथ इसके लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप हैं।
Belrise Industries का फाइनेंशियल
बाडवे फैमिली द्वारा प्रमोटेड फर्म ने मार्च 2024 को समाप्त वर्ष में 310.9 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष के 313.7 करोड़ रुपये से 0.9 फीसदी कम है। वित्त वर्ष के दौरान रेवेन्यू पिछले वर्ष की तुलना में 13.7 फीसदी बढ़कर 7484.2 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें एक्सपोर्ट का योगदान 76 फीसदी रहा।
कंपनी का EBITDA 5.6 फीसदी बढ़कर 924.5 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन इसी अवधि के दौरान मार्जिन 95 बीपीएस घटकर 12.35 प्रतिशत रह गया। जून 2024 को समाप्त तीन महीने की अवधि में प्रॉफिट 1781 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर 71.6 करोड़ रुपये रहा।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।