Bharati Hexacomm IPO: एयरटेल की कंपनी का आ रहा IPO, बिकेंगे 10 करोड़ शेयर, SEBI ने दी मंजूरी

Bharti Hexacom IPO: शेयर बाजार में एक और टेलीकॉम कंपनी की एंट्री होने वाली है। भारती एयरटेल की सब्सिडियरी कंपनी, भारती हेक्साकॉम (Bharti Hexacom) को मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की मंजूरी दे दी है। हेक्साकॉम के IPO में कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा और यह पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) पर आधारित होगा

अपडेटेड Mar 20, 2024 पर 9:54 AM
Bharti Hexacom IPO: भारती हेक्साकॉम, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों में टेलीकॉम सेवाएं मुहैया कराती है

Bharti Hexacom IPO: शेयर बाजार में एक और टेलीकॉम कंपनी की एंट्री होने वाली है। भारती एयरटेल की सब्सिडियरी कंपनी, भारती हेक्साकॉम (Bharti Hexacom) को मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की मंजूरी दे दी है। हेक्साकॉम के IPO में कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा और यह पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) पर आधारित होगा। ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए, कंपनी की इकलौती पब्लिक शेयरहोल्डर, टेलीकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड अपने 10 करोड़ शेयरों को बेचेगी। इसका मतलब है कि आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि कंपनी के पास न जाकर, टेलीकॉम कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड के पास जाएगी क्योंकि यही अपने शेयर बेच रही है।

भारती हेक्साकॉम ने IPO के लिए इसी साल जनवरी में मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास डॉक्यूमेंट्स जमा किए थे। डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, इसकी प्रमोटर भारतीय एयरटेल के पास कंपनी की 70 प्रतिशत हिस्सेदारी या करीब 35 करोड़ शेयर हैं। वहीं बाकी 30 प्रतिशत हिस्सेदारी गैर-प्रमोटर, टेलीकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड के पास है।

SEBI ने इसके आईपीओ आवदेन पर 11 मार्च को ऑब्जर्वेशन लेटर जारी किया था। बता दें कि कंपनी को IPO लाने के लिए SEBI से ऑब्जर्वेशन लेटर पाना जरूरी होता है। कंपनी के पास अपना IPO लॉन्च करने के लिए इस ऑब्जर्वेशन लेटर के जारी होने की तारीख से 1 साल तक का समय होता है। अगर कोई कंपनी इस एक साल में IPO नहीं ला पाती है, तो उसे फिर आईपीओ लाने के लिए दोबारा आवेदन करना पड़ता है।


भारती हेक्साकॉम, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों में ग्राहकों को एयरटेल ब्रांड नाम से मोबाइल सेवाएं, फिक्स्ड लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड जैसी टेलीकॉम सेवाएं मुहैया कराती है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 549.2 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था, जो इसके पिछले साल के मुकाबले करीब 67.2 फीसदी कम था। वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने 1,951.1 करोड़ रुपये का शानदार मुनाफा दर्ज किया था। वहीं इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21.7 फीसदी बढ़कर 6,579 करोड़ रुपये रहा था।

मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 6 महीने में, कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 64.6 फीसदी घटकर 69.1 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी के मुनाफे पर अधिक टैक्स लगात और एक्सेप्शनल लॉस का असर रहा। वहीं इस दौरान रेवेन्यू 8 फीसदी बढ़कर 3,420.2 करोड़ रुपये रहा।

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