Campus Shoes IPO : कैम्पस शूज का आईपीओ (IPO) अगले महीने बाजार में दस्तक दे सकता है। लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्पोर्ट्स और एथलेजर फुटवियर कंपनी मई, 2022 में स्टॉक एक्सचेंजेस में लिस्टिंग की योजना बना रही है। कैम्पस शूज ने कैपिटल मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) के पास बीते साल के आखिर में ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया था। 5.1 करोड़ इक्विटी शेयरों का यह पब्लिक इश्यू पूरी तरह प्रमोटर और इनवेस्टर्स का ऑफर फॉर सेल है।
पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा यह IPO
कंपनी के प्रमोटर्स हरि कृष्ण अग्रवाल और निखिल अग्रवाल इस ऑफर फॉर सेल के जरिए 1.4 करोड़ शेयर बेचेंगे। इनवेस्टर्स टीपीजी ग्रोथ 3 एसएफ प्रा. लि. 3 करोड़ इक्विटी शेयर और क्यूआरजी एंटरप्राइजेज 67 लाख शेयर बेचेंगे। इसके अलावा राजीव गोयल और राजेश कुमार गुप्ता ओएफएस के जरिए 3 लाख शेयर बेचने का अनुमान है। इस प्रकार IPO से जुटाई गई पूंजी शेयरहोल्डर्स को मिलेगी और कंपनी को इससे कोई फंड नहीं मिलेगा।
कंपनी में 72.81 फीसदी होल्डिंग है प्रमोटर्स के पास
वर्तमान में प्रमोटर्स के पास कंपनी की 78.21 फीसदी शेयरहोल्डिंग है और बाकी 21.79 फीसदी स्टेक टीपीजी ग्रोथ 3 एसएफ प्रा. लि. (17.19 फीसदी) और क्यूआरजी एंटरप्राइजेस (3.86 फीसदी) के पास है।
कैम्पस एक्टिववियर ने वित्त वर्ष 21 में वैल्यू और वॉल्यूम के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स और एथलेजर फुटवियर ब्रांड होने का दावा किया है। ब्रांड ‘कैम्पस’ 2005 में लॉन्च हुआ था।
महिलाओं और बच्चों के आइटम्स के बिजनेस में उतरने की योजना
दिल्ली बेस्ड फुटवियर स्पोर्ट्स और एथलेजर फुटवियर कंपनी अपने नेटवर्क को बढ़ाने और पश्चिमी और दक्षिणी भारत में पैठ बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके अलावा कैम्पस शूज की ऊंचे मार्जिन वाले महिलाओं और बच्चों के आइटम्स के बिजनेस में उतरने की योजना है।
ई-कॉमर्स से आता है 20 फीसदी बिजनेस
कैम्पस एक्टिववियर के सीएफओ रमन चावला ने कहा, “कंपनी की प्रीमियम बिजनेस को भुनाने और महिलाओं और बच्चों से जुडे अन्य कंज्यूमर सेगमेंट में विकास के लिए काम करती रहेगी। हमें उम्मीद है कि इन पहलों से देश भर में हमारे नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।” चावला ने बताया कि अपने सेल्स नेटवर्क को बढ़ाने के लिए उसकी अतिरिक्त भर्तियों की भी योजना है।
ई-कॉमर्स पर बात करते हुए चावला ने कहा, कंपनी को अब 20 फीसदी बिजनेस नए जमाने के डिजिटल सेल्स चैनल्स से मिल रहा है। यह पिछले तीन साल में 20 करोड़ रुपये से बढ़कर 400 करोड़ रुपये का हो गया है।