डेनमार्क की शराब कंपनी कार्ल्सबर्ग A/S अपनी भारतीय यूनिट के IPO के लिए जून महीने में ही ड्राफ्ट पेपर जमा करने की तैयारी कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वालों का कहना है कि इस संभावित लिस्टिंग से 70 करोड़ डॉलर तक जुटाए जा सकते हैं। कार्ल्सबर्ग इस प्रस्तावित शेयर बिक्री के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी और सिटीग्रुप इंक की लोकल यूनिट्स के साथ काम कर रही है।
IPO इस साल के आखिर में आ सकता है। इस पर बातचीत चल रही है और साइज, स्ट्रक्चर और टाइमिंग जैसी डिटेल्स अभी भी बदल सकती हैं। कार्ल्सबर्ग के ब्रांड्स में कार्ल्सबर्ग, टुबोर्ग, क्रोननबर्ग 1664, ग्रिमबर्गेन, सोमरस्बी, होल्स्टन शामिल हैं।
Carlsberg इंडिया 22 प्रतिशत मार्केट शेयर की मालिक
एक प्रेजेंटेशन के अनुसार, कार्ल्सबर्ग इंडिया भारत की दूसरी सबसे बड़ी शराब निर्माता कंपनी है। इसका मार्केट शेयर लगभग 22 प्रतिशत है। इसकी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, कार्ल्सबर्ग की इंडिया यूनिट को 2007 में शुरू किया गया था। कंपनी देश भर में 14 ब्रुअरीज (शराब बनाने के कारखाने) चलाती है। इनमें से 8 का मालिकाना हक कंपनी के पास है। 6 कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। वहीं कार्ल्सबर्ग ग्रुप की शुरुआत 1847 में हुई थी।
कार्ल्सबर्ग इंडिया की सबसे करीबी लिस्टेड कॉम्पिटीटर, यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड है। इसकी मार्केट वैल्यू लगभग 3.6 अरब डॉलर है। पिछले एक साल में इसके शेयरों में लगभग 36 प्रतिशत की गिरावट आई है। दुनिया भर की शराब निर्माता कंपनियां भारत के बाजार में बढ़ती खपत का फायदा उठाते हुए अपने भारतीय कामकाज से वैल्यू अनलॉक करने की कोशिश कर रही हैं। एब्सोल्यूट वोदका और चिवास रीगल स्कॉच व्हिस्की बनाने वाली कंपनी पेरनोड रिकार्ड SA भी अपने भारतीय कारोबार की संभावित लिस्टिंग पर विचार कर रही है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।