CMPDIL IPO: सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआई) के आईपीओ में बोली लगाने का आज आखिरी दिन है। 24 मार्च को दोपहर तक यह इश्यू 28 फीसदी तक सब्सक्राइब हुआ था। सीएमपीडीआईएल कोल इंडिया (सीआईएल) की सब्सिडियरी है। यह इश्यू निवेश के लिए 20 मार्च को खुला था।
आईपीओ पर कमजोर मार्केट सेंटिमेंट का असर
लेमन मार्केट डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि CMPDI का फंडामेंटल्स स्ट्रॉन्ग है। मार्जिन अच्छा है, आरओई हाई है और कंपनी पर किसी तरह का कर्ज नहीं है। साथ ही इसे पेरेंट कंपनी सीआईएल का भी सपोर्ट हासिल है। लेकिन, सब्सक्रिप्शन के डेटा से ऐसा लगता है कि इस इश्यू को इनवेस्टर्स का ज्यादा रिस्पॉन्स नहीं मिला है। इसकी वजह मार्केट का मौजूदा सेंटिमेंट हो सकता है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है।
ज्यादा लिस्टिंग गेंस की उम्मीद नहीं
गर्ग ने कहा कि इस इश्यू को जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला है, उससे इसकी स्ट्रॉन्ग लिस्टिंग की संभावना कम हो गई है। हालांकि, यह इश्यू लंबी अवधि और ज्यादा रिस्क नहीं लेने वाले निवेशकों के लिए सही है। लेकिन, इस इश्यू से बहुत ज्यादा लिस्टिंग गेंस की उम्मीद नहीं की जा सकती। 1,824 करोड़ रुपये का यह इश्यू 24 मार्च को बंद हो जाएगा। कंपनी ने कहा है कि उसने एंकर इनवेस्टर्स से 470 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
ग्रे मार्केट से भी मिल रहे कमजोर संकेत
इनवेस्टर गेन के मुताबिक, इस आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम 24 मार्च को दोपहर से पहले 0.85 रुपये चल रहा था। इसका मतलब है कि यह शेयर 172.85 रुपये पर लिस्ट हो सकता है। यह प्राइस बैंड के 172 रुपये के ऊपरी लेवल पर 0.49 फीसदी डिस्काउंट है। हालांकि, जीएमपी से लिस्टिंग का सिर्फ संकेत मिलता है।
मार्च में शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
एक्सपर्ट्स का कहना है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है। इसका असर मार्केट सेंटीमेंट पर पड़ा है। कई कंपनियों ने मार्केट के कमजोर सेंटिमेंट को देखते हुए आईपीओ के अपने प्लान टाल दिए हैं। हालांकि, 24 मार्च को शेयर बाजार में तेजी लौटी। इसकी वजह 23 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा है कि युद्ध रोकने के लिए ईरान से बातचीत चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अगले 5 दिन तक ईरान के पावर प्लांट पर हमले नहीं करेगा।