Energy Mission Machineries IPO: मशीनों के लिए मशीन बनाने वाली एनर्जी मिशन के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड फिक्स हो गया है। सब्सक्रिप्शन के लिए यह आईपीओ 9 मई को खुलेगा और 13 मई तक खुला रहेगा। इसके आईपीओ के लिए ₹131-₹138 का प्राइस बैंड फिक्स हुआ है। ग्रे मार्केट में बात करें तो यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से 60 रुपये यानी 43.38 फीसदी की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक किसी आईपीओ में पैसे लगाने से पहले ग्रे मार्केट की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और कारोबार को समझना चाहिए। यहां आईपीओ से लेकर कंपनी के बारे में सारी डिटेल्स दी जा रही है।
Energy Mission Machineries IPO के बारे में डिटेल्स
एनर्जी मिशन मशीनरीज का ₹41.15 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-13 मई के बीच खुलेगा। इस आईपीओ में ₹131-₹138 के प्राइस बैंड और 1000 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकेंगे। इश्यू का आधा हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 35 फीसदी खुदरा निवेशकों और 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 14 मई को फाइनल होगा और NSE SME पर 16 मई को एंट्री होगी। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 29.82 लाख नए शेयर जारी होंगे। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी गुजरात के अहमदाबाद जिले के साणंद में मौजूदा मैनुफैक्चरिंग यूनिट में सिविल कंस्ट्रक्शन के कैपिटल एक्सपेंडिचर, नए प्लांट और मशीनरीज, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों को पूरा करने में होगा।
Energy Mission Machineries के बारे में
वर्ष 2011 में बनी एनर्जी मिशन मशीनरीज कई प्रकार के मशीन बनाने वाली मशीन बनाती है जिनका इस्तेमाल ऑटो, कृषि, मैनुफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग इत्यादि सेक्टर में होता है। यह प्रेस ब्रेक्स, शियरिंग, प्लेट रोलिंग, आयरनवर्कर्स, हाइड्रोलिक प्रेस और बसबार बेंडिंग और पंचिंग मशीनें इत्यादि बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स का अमेरिका, स्विटजरलैंड, नेपाल, रुस, केन्या, युगांडा, यूएई और सऊदी अरब को भी निर्यात होता है। भारत में इसके प्रोडक्ट्स की बिक्री 20 राज्यों और 2 यूनियन टेरिटरीज में फैला हुआ है और सबसे अधिक रेवेन्यू इसे महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक से होता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 95.33 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2022 में उछलकर 3.36 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023 में 7.90 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 44 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 100.66 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की बात करें तो अप्रैल-अगस्त 2023 में इसे 4.66 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 49.48 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है।