ऑनलाइन इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने वाली कंपनी पॉलिसी बाजार(Policybazaar) की जल्द ही आईपीओ लाने की योजना है। कंपनी इस इस आईपीओ के लिए जुलाई में सेबी में पेपर दाखिल कर सकती है और नवंबर दिसंबर में यह आईपीओ बाजार में आ सकता है। इस आईपीओ के लिए कंपनी ने अपना वैल्यूएशन 4-5 अरब डॉलर आंका है जो पहले के आंकलन से ज्यादा है।
सूत्रों का कहना है कि यह इस साल का सबसे ज्यादा प्रतिक्षित आईपीओ में से एक है। इस आईपीओ के लिए पॉलिसी बाजार के पैरेंट Etech Aces Marketing and Consulting Pvt Ltd से अपने बोर्ड से मंजूरी की जरूरत होगी। उम्मीद है कि कंपनी की अगले हफ्ते बोर्ड मीटिंग होगी। जिसमें मंजूरी मिल जाएगी। उसके बाद इस आईपीओ से संबंधित DRHP सेबी में जमा किया जाएगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस आईपीओ के जरिए कंपनी 40-50 करोड़ डॉलर जुटाना चाहती है। इस आईपीओ में शेयरों की प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों तरह की बिक्री होगी। यानी यह आईपीओ फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल का मिश्रण होगा।
मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि कंपनी पहले ही आईपीओ के लिए आवेदन करना चाहती थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के कारण उसकी योजना में दखल पड़ गया। कंपनी की फाइनेंशियल और लीगल टीम इसी महीने DRHP दाखिल करने के लिए इनवेस्टमेंट बैंकरों के साथ काम कर रही है। अगले कुछ हफ्तों में हमें सेबी में पेपर दाखिल करने की खबर मिल सकती है।
बता दें कि पॉलिसी बाजार की स्थापना 2008 में यशीश दहिया ने की थी। यशीश दहिया सेना की पृष्ठ भूमि से हैं। वो खुद भी सेना जॉइन करना चाहते थे। यशीश दहिया ने डोकलाम गतिरोध के समय चीनी निवेश से मना कर दिया था और भारत और चीन के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को देखते हुए वे कंपनी में चीनी निवेशक टेनसेंट की हिस्सेदारी को भी खरीदना चाहते थे।