एग्जीक्यूटिव सेंटर इंडिया अपना IPO लेकर आ रही है। कंपनी का मकसद 2600 करोड़ रुपये जुटाना है। इसके लिए इसे कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI से मंजूरी मिल गई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एग्जीक्यूटिव सेंटर इंडिया ने जुलाई 2025 में IPO के लिए ड्राफ्ट फाइल किया था। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, IPO में केवल नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। ऑफर-फॉर-सेल (OFS) कंपोनेंट नहीं होगा। मुंबई स्थित एग्जीक्यूटिव सेंटर इंडिया, प्रीमियम फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है।
कंपनी 2008 से भारत में काम कर रही है और TEC ग्रुप का हिस्सा है। इस ग्रुप को स्पेस-एज-ए-सर्विस देने में 30 सालों से ज्यादा का अनुभव है। एग्जीक्यूटिव सेंटर इंडिया के ऑपरेशंस एशिया में भारत, सिंगापुर, दुबई और अबू धाबी से लेकर इंडोनेशिया के जकार्ता, वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी, फिलीपींस के मनीला और श्रीलंका के कोलंबो तक फैले हुए हैं।
IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
Executive Centre India अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाली रकम का इस्तेमाल सब्सिडियरी TEC अबू धाबी में निवेश करने के लिए करेगी। साथ ही अपने कॉरपोरेट प्रमोटर्स में से एक TEC सिंगापुर की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी TEC SGP और TEC दुबई के अधिग्रहण के लिए पेमेंट को फाइनेंस करने के लिए भी इन पैसों को खर्च किया जाएगा।
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 1,322.64 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024 के 1,036.62 करोड़ रुपये की तुलना में 27.59 प्रतिशत ज्यादा है। EBITDA वित्त वर्ष 2025 में 713.32 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो एक साल पहले 583.54 करोड़ रुपये से ज्यादा था। 31 मार्च, 2025 तक कंपनी के कुल पोर्टफोलियो में 7 देशों के 14 शहरों में 89 ऑपरेशनल सेंटर शामिल थे।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।