FirstCry IPO: फर्स्टक्राई ने दोबारा जमा कराए IPO डॉक्यूमेंट्स, दिसंबर तिमाही तक ₹4,814 करोड़ रहा कंपनी का रेवेन्यू

FirstCry IPO: फर्स्टक्राई ने अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने के लिए शेयर बाजार की रेगुलेटर (SEBI) के पास दोबारा ड्राफ्ट पेपर जमा कराए हैं। कंपनी ने इसके पहले दिसंबर 2023 में IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे, लेकिन SEBI ने तब कंपनी से अतिरिक्त जानकारियां मांगी थी और कंपनी से जुड़े तथ्यों को लेकर अधिक स्पष्टता की मांग की थी

अपडेटेड Apr 30, 2024 पर 6:00 PM
FirstCry IPO: कंपनी का FY24 के पहले 9 महीनों में रेवेन्यू 4,814 करोड़ रुपये रहा

FirstCry IPO: फर्स्टक्राई ने अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने के लिए शेयर बाजार की रेगुलेटर (SEBI) के पास दोबारा ड्राफ्ट पेपर जमा कराए हैं। कंपनी ने इसके पहले दिसंबर 2023 में IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे, लेकिन SEBI ने तब कंपनी से अतिरिक्त जानकारियां मांगी थी और कंपनी से जुड़े तथ्यों को लेकर अधिक स्पष्टता की मांग की थी। मनीकंट्रोल ने एक दिन पहले 29 अप्रैल को एक रिपोर्ट में बताया कि फर्स्टक्राई अपने IPO डॉक्यूमेंट्स को दोबारा जमा करने के लिए तैयार है। फर्स्टक्राई का IPO साइज करीब 50 करोड़ डॉलर (करीब 4,170 करोड़ रुपये) है।

नए ड्राफ्ट पेपर में कंपनी ने अपने दिसंबर तिमाही के नतीजों को भी शामिल किया है। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2024 के पहले 9 महीनों (अप्रैल-दिसंबर 2023) में उसने 4,814 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया। वहीं इस दौरान कंपनी 278 करोड़ रुपये के घाटे में रही।

सेबी और फर्स्टक्राई के बीच एक महीने से अधिक समय तक लेटर्स का आदान-प्रदान जारी रहा। हालांकि अंत में SEBI ने कंपनी के ड्राफ्ट पेपर को वापस भेज दिया और पिछले सप्ताह उससे अधिक स्पष्टता की मांग की।


सूत्रों ने मनीकंट्रोल को पहले बताया था कि सेबी ने शुरुआत में 25 KPIs की मांग की थी, जिनमें से फर्स्टक्राई ने फाइलिंग के पहले सेट में केवल 5-6 ही उपलब्ध कराए थे। फर्स्टक्राई के KPI में इसका औसत ऑर्डर वैल्यू, सालाना ट्रांजैक्शन वाले कस्टमर्स और ऑर्डर की संख्या शामिल है। SEBI ने अधिक KPI के अलावा वित्तीय आंकड़ों को भी अपडेट करने को कहा था।

पुणे मुख्यालय वाली FirstCry ने इससे पहले वित्त वर्ष 2023 में 5,633 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था और यह 486 करोड़ रुपये के घाटे में रही थी। वहीं वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने 2,401 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया था और करीब 75 फीसदी के घाटे में रही थी।

फर्स्टक्राई ने जब दिसंबर 2023 में पहली बार अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर सौंपा था, तो इसने सितंबर 2023 तक फाइनेंशियल स्टेटमेंट सौंपे थे। फर्स्टक्राई की पैरेंट कंपनी का नाम ब्रेनबीज है। मार्च 2021 के आंकड़ों के अनुसार, ब्रेनबीज में महिंद्रा ग्रुप की कंपनी, महिंद्रा रिटेल के पास 10.48 पर्सेंट हिस्सेदारी थी। इस सिलसिले में फर्स्टक्राई को भेजी गई ईमल का अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।

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