फॉरेक्स मार्केट का अनुमान, विदेशी निवेशक LIC के आईपीओ में कर सकते हैं 1 अरब डॉलर का निवेश

अपनी ओपनिंग के 2 घंटे के भीतर इस आईपीओ में एनएसई और बीएसई पर विदेशी निवेशकों की तरफ कोई भी बिड आती नहीं दिखी है

अपडेटेड May 04, 2022 पर 5:14 PM
फॉरेक्स मार्केट के डीलरों का मानना है कि विदेशी निवेशक यूएस फेड के ब्याज दरों में बढ़ोतरी के फैसले के प्रभाव का अंदाजा लगाने के लिए वेट एंड वॉच मोड में नजर आ रहे हैं

एलआईसी का बहुप्रतीक्षित आईपीओ अंतत: 4 मई 2022 को लॉन्च हो गया। सरकार अगले 4 दिनों में इस आईपीओ के लिए 21,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। बता दें कि सरकार पहले इस आईपीओ के जरिए 50,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती थी लेकिन बाद में इसका साइज घटा दिया गया।

हालांकि बिडिंग के शुरुआती दौर में रिटेल निवेशकों और एलआईसी के अपने पॉलिसी धारकों का जोश काफी ज्यादा नजर आ रहा है लेकिन सच्चाई यह भी है कि आईपीओ की सफलता में सबसे अहम योगदान विदेशी संस्थागत निवेशकों का ही होगा।

कंपनी ने इस पब्लिक इश्यू में QIB के लिए 3.95 करोड़ शेयर रिजर्व रखे हैं। इसके अलावा एंकर अलॉटमेंट के दौरान संस्थागत निवेशकों को 5.9 करोड़ से ज्यादा शेयर ऑफर किए गए हैं।


इस बीच विदेशी विनिमय बाजार में अंदाजा लगाया जा रहा है कि दुनिया के इस तीसरे सबसे बड़े इंश्योरेंस कंपनी के आईपीओ में विदेशी निवेशकों की तरफ से 1 अरब डॉलर का फ्लो आता नजर आ सकता है।

मुंबई स्थित एक बैंक के एक फॉरेक्स डीलर ने मनीकंट्रोल से नाम की गोपनीयता बनाए रखने की शर्त पर कहा कि इस इश्यू के क्लोज होने तक हमें विदेशी निवेशकों की तरफ से करीब 1 अरब डॉलर का निवेश आने की संभावना है।

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बता दें कि 12: 30 बजे के आसपास एलआईसी का आईपीओ 30 गुना से ज्यादा भरा था। वहीं पॉलिसी होल्डरों का कोटा पूरी तरह से भर चुका था जबकि कंपनी के कर्मचारियों के लिए निर्धारित कोटा 43 फीसदी भरा था। हालांकि इस आईपीओ में विदेशी निवेशकों का रुझान अभी तक सुस्त ही रहा है । इस आईपीओ का एंकरों के लिए रिजर्व हिस्सा 5.9 करोड़ शेयरों से ज्यादा का है और यह अभी तक सिर्फ 18.08 फीसदी भरा है। यह भारत में आईपीओ लाने वाले किसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी द्वारा किया गया सबसे कमजोर प्रदर्शन है।

अपनी ओपनिंग के 2 घंटे के भीतर इस आईपीओ में एनएसई और बीएसई पर विदेशी निवेशकों की तरफ कोई भी बिड आती नहीं दिखी है। ग्रे मार्केट में भी सिर्फ 8-10 फीसदी का प्रीमियम देखने को मिल रहा है।

बाजार जानकारों का मानना है कि संभवत: विदेशी निवेशक किसी निवेश निर्णय के पहले यूएस फेड के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। फॉरेक्स मार्केट के डीलरों का मानना है कि विदेशी निवेशक यूएस फेड के ब्याज दरों में बढ़ोतरी के फैसले के प्रभाव का अंदाजा लगाने के लिए वेट एंड वॉच मोड में नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि आज रात ही यूएस फेड अपनी मौद्रिक नीतियां जारी करने वाला है।

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