महज 5% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ यह IPO, शेयर बेचने की लगी होड़, इश्यू प्राइस से भी नीचे गया भाव

Forge Auto International IPO Listings: फोर्ज ऑटो इंटरनेशनल के शेयरों की लिस्टिंग सुस्त रही। कंपनी के शेयर शु्क्रवार 4 अक्टूबर को NSE SME प्लेटफॉर्म पर महज करीब 5 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्ट हुए। कंपनी का आईपीओ 108 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आया था, जबकि इसके शेयर आज 113 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए

अपडेटेड Oct 04, 2024 पर 11:09 AM
Forge Auto International का IPO 49.28 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था

Forge Auto International IPO Listings: फोर्ज ऑटो इंटरनेशनल के शेयरों की लिस्टिंग सुस्त रही। कंपनी के शेयर शु्क्रवार 4 अक्टूबर को NSE SME प्लेटफॉर्म पर महज करीब 5 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्ट हुए। कंपनी का आईपीओ 108 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आया था, जबकि इसके शेयर आज 113 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए। यह लिस्टिंग गेन, ग्रे मार्केट के अनुमानों से भी कम रहा। ग्रे मार्केट में लिस्टिंग से ठीक पहले कंपनी के शेयर लगभग 13 फीसदी के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे।

बता दें कि ग्रे मार्केट, एक अनऑफिशियल प्लेटफॉर्म है, जहां स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग से पहले शेयरों का कारोबार होता है। अधिकतर निवेशक लिस्टिंग प्राइस का एक अंदाजा पाने के लिए ग्रे मार्केट पर नजर रखते हैं। हालांकि, इस बात की गारंटी नहीं है कि ग्रे मार्केट का अनुमान सही साबित हो।

निवेशकों के लिए एक और निराशा की बात यह रही है कि लिस्टिंग के तुरंत बाद इस शेयर करीब 4.87 फीसदी की तगड़ी गिरावट आ गई, जिससे इसका भाव अब 108 रुपये के आईपीओ प्राइस से भी नीचे 107.50 रुपये पर पहुंच गया है। यानी निवेशकों का 5% मुनाफा भी अब चला गया है।


फोर्ज ऑटो इंटरनेशनल का IPO 26 सितंबर से 30 सितंबर के बीच बोली के लिए खुला था। कंपनी का आईपीओ पूरी तरह से नए शेयरों का था, जिसके जरिए इसे कुल 31.10 करोड़ रुपये जुटाए। कंपनी के आईपीओ को निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी और यह आखिरी दिन 49.28 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था।

कंपनी को सबसे अधिक बोली रिटेल निवेशकों के कैटेगरी में मिली, जिन्होंने करीब 61.95 गुना अधिक सब्सक्राइब किया। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल बायर्स (NII) ने अपने कोटे के शेयरों को करीब 58.55 गुना अधिक सब्सक्राइब किया। जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन बायर्स (QIB) की कैटेगरी 2013 गुना अधिक बोली।

कंपनी ने बताया कि वह आईपीओ से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने, कुछ खास कर्ज का पुर्नभुगतान करने और दूसरे सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

कंपनी के बारे में

फोर्ज ऑटो इंटरनेशनल लिमिटेड एक इंजीनियरिंग कंपनी है, जिसने साल 2001 में कारोबार की शुरुआत की थी। यह ऑटो इंडस्ट्री (ऑटोमोबाइल, ट्रैक्टर, रेलवे) और नॉन-ऑटो सेक्टर्स (एग्रीकल्चर पार्ट्स, हाइड्रोलिक पार्ट्स, स्ट्राइकिंग टूल्स) के लिए जटिल, सेफ्टी वाले, फोर्ज्ड और सटीक-मशीनीकृत कंपोनेंट्स को बनाती है।

कंपनी के क्लाइंट्स में घरेलू और ग्लोबल दोनों ओरिजन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) शामिल है। ऑटोमोटिव और गैर-ऑटोमोटिव दोनों सेक्टर्स के लिए प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी कमर्शियल वाहनों, रेलवे बोगियों, ट्रैक्टरों, एग्रीकल्चर पार्ट्स और स्लेजहैमर के लिए छोटे और लंबे कांटे, फ्लैंज योक, बॉल स्टड, गियर ब्लैंक और स्टब एक्सल असेंबली भी बनाती है।

यह भी पढ़ें- Brokerage Radar: ब्रोकरेज फर्मों के रडार पर आए ये 7 शेयर, बजाज फाइनेंस सहित इन स्टॉक में हो सकता है मुनाफा

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।