Go First IPO : घरेलू विमानन कंपनी गो फर्स्ट जुलाई में आईपीओ के जरिये 3,600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। कर्ज के बोझ से दबी भारत की दूसरे नंबर की एयरलाइन के लिए यह IPO खासा अहम होगा। कंपनी की शेयरों की बिक्री से मिलने वाली धनराशि से कर्ज चुकाने और इंडियन ऑयल कॉर्प सहित अपने क्रेडिटर्स का बकाया चुकाने की योजना है। ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
गो फर्स्ट पर है 81.6 अरब रुपये का कर्ज
गो फर्स्ट को पहले गोएयर (GoAir) के नाम से जाना जाता था। शुरुआती ड्राफ्ट के मुताबिक, कंपनी के ऊपर अप्रैल, 2021 तक 81.6 अरब रुपये का कर्ज था।
Go First के शेयरों की बिक्री की खबर ऐसे समय में आई है, जब दक्षिण एशियाई देश में हवाई यात्रा में सुधार हो गया है। साथ ही जानलेवा वायरस से उबरने के बाद भारत में डिमांड पैदा हो रही है।
एक साल के भीतर सुस्ती से उबरेगा बाजार
कोविड-19 से पहले भारत दुनिया का सबसे तेजी से उभरता हुआ एविएशन मार्केट (aviation market) था। अब ऐसी उम्मीद है कि एक साल के भीतर 4,15,000 दैनिक यात्रियों के साथ स्थानीय ट्रैफिक महामारी से पहले के स्तरों से ज्यादा हो जाएगा।
भारतीय एयरलाइंस भी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने के साथ अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं। इंडिगो (Indigo) के बाद दूसरे नंबर की कंपनी गो फर्स्ट के टाटा संस प्रा. के अपनी एयरलाइंस – विस्तारा, एयर इंडिया लि. और एयर एशिया इंडिया के विलय के साथ तीसरे पायदान पर खिसकने का अनुमान है।
गो फर्स्ट के इस तिमाही में प्रॉफिट में आने का अनुमान
रिपोर्ट के मुताबिक, छुट्टियों में होने वाली यात्रा से जुड़ी मांग में सुधार के साथ Go First के इस तिमाही से प्रॉफिट में आने का अनुमान है। संभावित मांग को भुनाने के लिए गो फर्स्ट ने अगस्त की शुरुआत में 10 नए Airbus SE A320neo aircraft जोड़ने की तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिससे मार्च, 2023 तक उसका कुल फ्लीट बढ़कर 62 विमानों का हो जाएगा।
एयरलाइन ने 144 A320neo jets का ऑर्डर दे रखा है। गो फर्स्ट इन नए एयरक्राफ्ट को अबूधाबी और कुवैत के लिए अपनी उड़ानों के फेरे बढ़ाने की कोशिश करेगी। साथ ही वियतनाम, इंडोनेशिया और कम्बोडिया जैसे दक्षिणपूर्व एशियाई देशों में नए डेस्टिनेशन जोड़ेगी।