GoFirst जुलाई-सितंबर तक आईपीओ लॉन्च कर सकती है, 3600 करोड़ रुपये का हो सकता है इश्यू

गोफर्स्ट आईपीओ से जुटाए गए 2,200 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने कर्ज को चुकाने और लीज पर लिए गए विमानों की फीस चुकाने के लिए कर सकती है। बाकी 1,600 करोड़ रुपये का इस्तेमाल देश और विदेश में एयरलाइंस की सेवाएं बढ़ाने के लिए करेगी

अपडेटेड May 18, 2022 पर 5:24 PM
पिछले तीन दिन में इंटरग्लोब एविएशन के शेयर में 8.1 फीसदी उछाल आया है। यह कंपनी इंडिगो ब्रांड नाम से हवाई सेवाएं देती है। इस दौरान स्पाइसजेट का शेयर 7 फीसदी चढ़ा है।

GoFirst इस साल जुलाई-सितंबर तक आईपीओ पेश कर सकती है। गोफर्स्ट बजट एयरलाइन (Budget Airline) है। यह आईपीओ (GoFirst IPO) से 3,600 करोड़ रुपये जुटा सकती है। एयरलाइंस कंपनियों के शेयरों को लेकर मार्केट में सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि 27 से ज्यादा इनवेस्टर्स ने गोफर्स्ट के पूंजी जुटाने के प्लान में दिलचस्पी दिखाई है। कंपनी जल्द इनवेस्टर्स को अपने प्लान के बारे में प्रजेंटेशन देगी।

एक दूसरे व्यक्ति ने बताया कि गोफर्स्ट आईपीओ के प्लान को लेकर उत्साहित है। इसकी वजह यह है कि एयरलाइंस कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर लगी पाबंदी खत्म हो गई है। आगे कोविड-19 की नई लहर आने की आशंका नहीं है। उन्होंने कहा, "घरेलू एयर ट्रैफिक कोविड-19 के पहले के स्तर पर पहुंच गया है। इससे एविएशन कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है।"

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पिछले तीन दिन में इंटरग्लोब एविएशन के शेयर में 8.1 फीसदी उछाल आया है। यह कंपनी इंडिगो ब्रांड नाम से हवाई सेवाएं देती है। इस दौरान स्पाइसजेट का शेयर 7 फीसदी चढ़ा है। करीब दो साल के बाद लोग फिर से हवाई सफर करने लगे हैं। हालांकि, एविएशन फ्यूल (ATF) का प्राइस काफी बढ़ा है। आने वाले दिनों में एयरलाइंस कंपनियों के बीच प्रतियोगिता बढ़ने वाली है। दो नई एयरलाइंस कंपनियां सेवाएं शुरू करने वाली हैं।

गोफर्स्ट की नजरें गर्मियों की छुट्टियों में लोगों के ट्रेवल प्लान पर है। उसका मानना है कि सरकार एयरलाइंस कंपनियों के हित में जल्द कुछ कदम उठा सकती है। वह किराएं में वृद्धि के लिए तय सीमा हटा सकती है। वह एटीएफ को जीएसटी के दायरे में ला सकती है।

पिछले साल मई के मुकाबले एटीएफ का प्राइस करीब 90 फीसदी बढ़ चुका है। 16 मई को एटीएफ का प्राइस 5.3 फीसदी बढ़ गया। यह लगातार 10वीं बढ़ोतरी थी। एटीएफ का प्राइस दिल्ली में 1,23,039.71 प्रति किलोलीटर पहुंच गया है।

गोफर्स्ट आईपीओ से जुटाए गए 2,200 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने कर्ज को चुकाने और लीज पर लिए गए विमानों की फीस चुकाने के लिए कर सकती है। बाकी 1,600 करोड़ रुपये का इस्तेमाल देश और विदेश में एयरलाइंस की सेवाएं बढ़ाने के लिए करेगी। कपनी इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और नेपाल के लिए सेवाएं शुरू करना चाहती है।

गोफर्स्ट का मानना है कि इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में डोमेस्टिक पैसेंजर ट्रैफिक कोविड-19 से पहले के लेवल से 5 से 10 फीसदी ज्यादा हो जाएगा। हालांकि, ऐसा तभी होगा जब कोरोना की नई लहर नहीं आती है। इस एयरलाइन ने अगस्त 2021 में आईपीओ पेश करने के प्लान को टाल दिया था।

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