हर्ष इंजीनियर्स इंटरनेशनल (Harsha Engineers International) के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) में निवेशकों ने भारी दिलचस्पी दिखाई और शुक्रवार 16 सितंबर को इश्यू बंद होने समय तक इसे कुल 74.7 गुना अधिक बोली मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, आइपीओ के तहत कुल 1.68 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखा गया है, जिसके बदले में कुल 125.96 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित कोटे में कंपनी सबसे अधिक 178.26 गुना बोली मिली, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूनशल इनवेस्टर्स (NII) ने अपने कोटे के शेयरों को 71.32 गुना अधिक सब्सक्राइब किया। वहीं रिटेल निवेशकों ने अपने हिस्से के शेयरों को 17.63 गुना अधिक सब्सक्राइब किया।
हर्ष इंजीनियर्स के कर्मचारियों ने आईपीओ में अच्छी दिलचस्पी दिखाई और अपने लिए आरक्षित शेयरों का 12.07 गुना अधिक सब्सक्राइब किया। कंपनी के कर्मचारियों के लिए 2.5 करोड़ शेयर रिजर्व रखे थे। कर्मचारियों को यह इश्यू फाइनल प्राइस से 31 रुपए कम दाम पर मिलेंगे।
पहले ही दिन पूरा सब्सक्राइब हो गया इश्यू
हर्ष इंजीनियर्स का आईपीओ को इश्यू के पहले दिन ही पूरा सब्सक्रिप्शन मिल गया था। कंपनी IPO से कुल 755 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। इसमें से 455 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि बाकी कंपनी के मौजूदा शेयरधारक 300 करोड़ रुपये तक की बिक्री पेशकश (ओएफएस) लाएंगे। कंपनी के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 314-330 रुपये प्रति शेयर रखा गया है।
ग्रे मार्केट से क्या मिल रहे हैं संकेत
ग्रे मार्केट की बात करें तो इसके शेयरों को लेकर पॉजिटिव संकेत दिख रहे हैं क्योंकि यह 230 रुपये के GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर ट्रेड हो रहा है। इसका प्राइस बैंड 314-330 रुपये प्रति शेयर है। जानकारों के मुताबिक सिर्फ ग्रे मार्केट से मिले संकेतों के आधार पर निवेश करना सही नहीं है बल्कि इसकी बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर फैसला लेना चाहिए।
कंपनी के बारे में डिटेल्स
हर्षा ग्रुप की हर्षा इंजीनियर्स इंटरनेशनल भारत में ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में रेवेन्यू के हिसाब से प्रेसिशन बेयरिंग केज बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। इसका कारोबार पांच महाद्वीप के 25 से अधिक देशों में फैला हुआ है। इसका कारोबार इंजीनियरिंग और सोलर ईपीसी, दो सेग्मेंट में है।
21 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसका रेवेन्यू और शुद्ध मुनाफा लगातार बढ़ा है। इसका शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2022 में सालाना आधार पर 45.44 करोड़ रुपये से बढ़कर 91.94 करोड़ और रेवेन्यू 876.73 करोड़ रुपये से उछलकर 1339 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हर्षा इंजीनियर्स के शेयरों का अलॉटमेंट 21 सितंबर और लिस्टिंग 26 सितंबर को है।