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हाईकोर्ट ने OYO में Zostel की 7% हिस्सेदारी पर के लिए की गई अपील को किया खारिज

OYO ने पिछले साल सितंबर में सेबी में अपने आईपीओ से संबंधित अर्जी दाखिल की थी। वर्तमान में कंपनी सेबी द्वारा पूछे गए सवालों और इस पर अपने स्पष्टीकरण देने के प्रक्रिया में है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 14, 2022 पर 12:45 PM
हाईकोर्ट ने OYO में Zostel की 7% हिस्सेदारी पर के लिए की गई अपील को किया खारिज
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दिल्ली हाईकोर्ट ने Zostel की उस अपील को खारिज कर दिया है जिसमें उसने आईपीओ के पहले OYO में 7 फीसदी हिस्सेदारी के दावे को मंजूरी देने की मांग की है। हाईकोर्ट के इस फैसले को सॉफ्ट बैंक के निवेश वाली हॉस्पिटैलिटी फर्म OYO के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस श्री हरिशंकर के अध्यक्षता वाली सिंगल जज की बेंच ने 14 फरवरी को यह फैसला दिया है।

बता दें कि Zo Rooms जो कि OYO के साथ कानूनी लड़ाई में लगी हुई है उसने हाईकोर्ट में एक अपील दाखिल की थी जिसमें पिछले साल OYO के खिलाफ अपने अधिकारों की रक्षा की अपील की थी। शेयर होल्डिंग से जुड़े इस विवाद के कारण Zostel,OYO के आईपीओ की प्रक्रिया को रोकने की मांग कर रही थी लेकिन हाईकोर्ट के आज आए फैसले में Zostel के इस प्रयास को बड़ा झटका लगा है और अदालत ने उसकी मांग को खारिज कर दिया है।

Zostel और OYO के बीच इस विवाद की जड़ 2015 तक जाती है। जब Zostel हॉस्पिटेलिटी के मालिकाना हक वाली बजट हॉटेल चेन Zo Rooms के कारोबार को दोनों कंपनियों के बीच होने वाले मर्जर की बातचीत की असफलता के बाद बंद कर दिया गया था। दोनों कंपनियों ने 26 नवंबर 2015 को एक अधिग्रहण करार के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरु की थी जो कि बाद में संपन्न नहीं हो सकी।

Zo Rooms का दावा है कि उसने इस करार के तहत अपने दायित्व को पूरा किया था और अपने करोबार को ट्रांसफर भी कर दिया था लेकिन OYO ने करार के तहत निर्धारित अपनी 7 फीसदी हिस्सेदारी का ट्रांसफर नहीं किया जिसके बाद यह मामला ओर्बिट्रेशन के पास गया था।

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