Hyundai इंडिया का सबसे बड़ा आईपीओ पेश कर सकती है, जानिए क्या है कंपनी का पूरा प्लान

Hyundai Motor India का आईपीओ 2.5-3 अरब डॉलर का हो सकता है। अभी सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड एलआईसी के नाम है। एलआईसी ने 2022 में 2.7 अरब डॉलर का आईपीओ पेश किया था। ह्युंडई कार बनाने वाली इंडिया की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी है

अपडेटेड May 24, 2024 पर 7:46 PM
ह्यूंडई मोटर इंडिया का रेवेन्यू FY23 में 60,000 करोड़ रुपये था।

ह्युंडई मोटर कंपनी ने इंडिया में अपनी सब्सिडियरी ह्युंडई मोटर इंडिया की लिस्टिंग की प्रक्रिया तेज कर दी है। ह्युंडई मोटर कंपनी दक्षिण कोरिया की ऑटो कंपनी है। वह अपनी इंडियन सब्सिडियरी के आईपीओ के लिए सेबी के पास जून के अंत या जुलाई तक ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) भेज देगी। कोरियाई कंपनी ने कोटक महिंद्रा कैपिटल और मॉर्गन स्टेनली को भी इनवेस्टमेंट बैंक नियुक्त कर दिया है। इस मामले से जुड़े चार लोगों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। यह इंडिया का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। अभी सबसे बड़े आईपीओ का रिकार्ड एलआईसी के नाम है। यह इश्यू 2022 में आया था।

LIC से बड़ा होगा ह्युंडई का आईपीओ

ह्युंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) का आईपीओ 2.5-3 अरब डॉलर का हो सकता है। एलआईसी (LIC) का आईपीओ 2.7 अरब डॉलर का था। इससे पहले मनीकंट्रोल ने खबर दी थी कि ह्युडई मोटर कंपनी ने अपनी इंडियन सब्सिडियरी के आईपीओ के लिए सिटी, जेपी मॉर्गन और एचएसबीसी सिक्योरिटीज को इनवेस्टमेंट बैंक नियुक्त कर दिया है। एक सूत्र ने बताया, "अब कोटक महिंद्रा कैपिटल और मॉर्गन स्टेनली की नियुक्ति भी हो गई है। ह्युंडई की लिस्टिंग से दूसरी ऑटो कंपनियां भी लिस्टिंग का प्लान बना सकती हैं।"


20 अरब डॉलर हो सकती हैं वैल्यूएशन

मामले की जानकारी रखने वाले एक दूसरे सूत्र ने बताया कि ह्युंडई की इंडियन सब्सिडियरी की वैल्यूएशन 20 अरब डॉलर हो सकती है। हालांकि, सूत्र ने यह भी कहा कि अभी चीजें आगे बढ़ रही है। इसलिए इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि वैल्यू और आईपीओ के साइज के बारे में अभी फैसला नहीं हुआ है। कंपनी की स्ट्रेटीज और बाजार की स्थितियों के मुताबिक, इसमें बाद में बदलाव हो सकता है। इस बारे में ड्राफ्ट पेपर्स फाइल होने के बाद ही स्थिति साफ होगी।

इंडिया की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी

इससे पहले मीडिया में आई खबरों में ह्युंडई मोटर इंडिया की वैल्यूएशन 22 से 20 अरब डॉलर के बीच लगाई गई थी। ह्युंडई इंडिया कार बनाने वाली इंडिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। मारुति सुजुकी इंडिया की सबसे बड़ी कार कंपनी है। एक तीसरे सूत्र ने बताया कि ह्युंडई का आईपीओ पूरी तरह से ओएफएस होगा। इसका मतलब है कि पेरेंट कंपनी आईपीओ के जरिए अपनी सब्सिडियरी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी।

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FY23 में 60,000 करोड़ रुपये रेवेन्यू

ह्यूंडई मोटर इंडिया का रेवेन्यू FY23 में 60,000 करोड़ रुपये था। कंपनी का प्रॉफिट 4,653 करोड़ रुपये था। यह नॉन-लिस्टेड कार कंपनियों में सबसे ज्यादा है। इस बारे में ह्युंडई की मीडिया टीम को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। ह्युंडई की ग्लोबल सेल्स में इंडियन यूनिट की करीब 13 फीसदी हिस्सेदारी है। i20, Verna, Creta, Aura और Tucson इसके प्रमुख मॉडल्स हैं। कंपनी ने अगले साल इंडिया में बनी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने की योजना बनाई है।

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