ideaForge Tech IPO: '3 इंडियट्स' मूवी में आमिर खान ने ड्रोन के जिस मॉडल को उड़ाया था, उसकी कंपनी आइडियाफोर्ज टेक (ideaForge Tech) के आईपीओ को जमकर रिस्पांस मिल रहा है। 567 करोड़ रुपये का यह इश्यू पहले ही दिन खुलने के कुछ घंटे में ही ओवरसब्सक्राइब हो गया था। खुदरा निवेशक इसमें जमकर पैसे लगा रहे हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स इस इश्यू को लेकर एक बड़े रिस्क की तरफ संकेत दिया है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अभिषेक मुरर्का ने इसे लेकर एक ट्वीट सिरीज में सवाल उठाया है और यह सवाल कई एक्सपर्ट्स उठा रहे हैं। हालांकि इस पर कंपनी ने सफाई भी दी है।
क्या है ideaForge Tech के ऑर्डरबुक में दिक्कत
अभिषेक ने सवाल उठाया है कि आईडियाफोर्ज का कारोबार वित्त वर्ष 2022 में 310.87 करोड़ रुपये से गिरकर वित्त वर्ष 2023 में 192.27 करोड़ रुपये पर आ कैसे आ गया? वह इसे लेकर उत्सुक दिखे कि क्या जो निवेशक इस आईपीओ में पैसे लगा रहे हैं, उन्हें कंपनी के ऑर्डर बुक की इस स्थिति के बारे में पता है? इस ट्वीट सिरीज पर एक यूजर ने आश्चर्य जताया है कि जब कंपनी का फाइनेंशियल्स उल्टी दिशा में भाग रहा है तो जीएमपी क्यों बढ़ रहा। इसकी जीएमपी 530 रुपये पर पहुंच गई है। इश्यू खुलने के एक दिन पहले यानी 25 अप्रैल को यह 475 रुपये की जीएमपी पर था। एक और यूजर ने इस बात पर चिंता जताई है कि इसे 96 फीसदी से अधिक ऑर्डर सरकारी कंपनियों से मिलता है जो अच्छा संकेत नहीं।
ऑर्डरबुक में गिरावट को लेकर कंपनी ने सफाई दी है कि ऐसा कुछ बड़े कांट्रैक्ट्स के पूरा होने और लंबे से अटके सौदे को बंद करने में देरी के चलते हुआ। कंपनी का कहना है कि जब लॉर्ज कांट्रैक्टस पूरा हो गया तो यह कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में रेवेन्यू के रूप में दिखता है। इससे ऑर्डर बुक में अस्थाई तौर पर गिरावट आती है क्योंकि ये कांट्रैक्ट अब पेंडिंग नहीं रहे।
वहीं दूसरी तरफ नेगोशिएशन प्रोसेस, नियामकीय जरूरतों या बाजार की परिस्थितियों इत्यादि के चलते सौदा होने में देरी हो जाती है। जब तक इन सौदों पर बात नहीं बनती है, ये ऑर्डर बुक में नहीं दिखते। कंपनी का कहना है कि ऑर्डर बुक में गिरावट इसकी वित्तीय सेहत या ओवरऑल बिजनेस प्रॉस्पेक्ट्स में गिरावट का संकेत है।