ideaForge Tech IPO: आइडियाफोर्ज टेक (ideaForge Tech) का आईपीओ 26 जून को खुल गया। इस इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला है। 567 करोड़ रुपये का यह आईपीओ खुलने के कुछ ही घंटो में ओवरसब्सक्राइब हो गया। सबसे शानदार रिस्पॉन्स खुदरा निवेशकों की तरफ से मिला है। ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयर पर काफी ज्यादा प्रीमियम चल रहा है। ग्रे मार्केट में प्रति शेयर 73 फीसदी के प्रीमियम पर कारोबार हो रहा है। कंपनी के शेयर का अपर प्राइस बैंड 490 रुपये है। यह कंपनी ड्रोन बनाती है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्रे मार्केट में चल रहे प्रीमियम के आधार पर किसी आईपीओ में निवेश का फैसला निवेशकों को नहीं लेना चाहिए। इसके बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर निवेश का फैसला लेना चाहिए। फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स की बात करें तो ब्रोकरेज फर्मों ने इस इश्यू को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। यह इश्यू 29 जून तक खुला रहेगा। आइए जानते हैं प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने इस इश्यू के बारे में क्या कहा है:
आइडियाफोर्ज का लॉन्ग टर्म का आउटलुक बेहतर दिख रहा है। ड्रोन का अभी सभी सेक्टर्स में इस्तेमाल खास नहीं बढ़ रहा है और यह कंपनी के ऑर्डरबुक में भी दिख रहा है। इसके अलावा इस मार्केट में कॉम्पटीशन भी बहुत अधिक है। हालांकि इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के हिसाब से इसकी कोई पियर्स लिस्टेड नहीं है। ब्रोकरेज च्वाइस ब्रोकिंग के मुताबिक प्राइस बैंड के अपर प्राइस यानी 672 रुपये के हिसाब से इसका प्राइस ईपीएस के मुकाबले 87.5 गुने पर है जो पियर्स के मुकाबले अच्छे-खासे प्रीमियम पर है। ब्रोकरेज के मुताबिक मार्केट में दबदबे और मीडियम टर्म ग्रोथ आउटलुक को वैल्यूएशन में शामिल कर लिया गया है। इसके अलावा सुस्त ऑर्डर बुक भी पॉजिटिव संकेत नहीं दे रहा है। ऐसे में ब्रोकरेज ने इसे सावधानापूर्वक सब्सक्राइब यानी सब्सक्राइब विद कॉशन की रेटिंग दी है।
घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक बुक वैल्यू के हिसाब से यह आईपीओ 5 गुना भाव पर है जबकि इसके पियर के लिए लिस्टिंग के बाद यह आंकड़ा 8 गुना है तो इस हिसाब से यह आईपीओ फेयर वैल्यू पर है। ब्रोकरेज के मुताबिक सरकार डिफेंस सेक्टर पर जोर दे रही है और कंपनियों की तरफ से भी इसके प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है। ब्रोकरेज ने इसके लंबे-चौड़े प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, क्लाइंट के साथ मजबूत संबंध और इस सेक्टर में नई कंपनियों के लिए मुश्किल एंट्री के चलते सब्सक्राइब की रेटिंग दी है।
वित्त वर्ष 2020-22 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 237.48 फीसदी की सीएजीआर से बढ़ा है। बेहतर कारोबारी माहौल, बढ़े हुए ऑर्डर और ड्रोन के लिए पीएलआई स्कीम जैसी सरकारी पहल से इसके ग्रोथ को सपोर्ट मिला है। इसके चलते ब्रोकरेज ने इसे सब्सक्राइब की रेटिंग दी है। हालांकि ब्रोकरेज ने इसमें निवेश से जुड़ा रिस्क भी बताया है। यह कंपनी मुख्य रूप से सरकारी प्रोजेक्ट्स र निर्भर है यानी रेवेन्यू के लिए यह एक ही स्रोत पर अधिक निर्भर है। इसके अलावा ज्वाइंट वेंचर्स के जरिए बड़ी कंपनियां इस सेक्टर में एंट्री कर सकती हैं तो कॉम्पटीशन और बढ़ेगा। ऐसे में ब्रोकरेज ने इसे सब्सक्राइब विद कॉशन की रेटिंग दी है।
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