IKS Health IPO: कैसा है इवेंटुरस नॉलेज सॉल्यूशन हेल्थ का आईपीओ, क्या आपको निवेश करना चाहिए?

IKS Health टेक्नोलॉजी-एनेबल्ड हेल्थकेयर सॉल्यूशन ऑफर करती है। यह केयर इनेबलमेंट प्लेटफॉर्म ऑफर करती है, जिसका इस्तेमाल अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में फिजिशियन एंटरप्राइजेज करती हैं। हालांकि, कंपनी का फोकस अमेरिकी मार्केट पर है

अपडेटेड Dec 12, 2024 पर 6:16 PM
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आईकेएस हेल्थ जो 16 अलग-अलग सर्विसेज ऑफर करती है, उसका मार्केट साइज करीब 222 अरब डॉलर है।

इवेंटुरस नॉलेज सॉल्यूशंस (आईकेएस हेल्थ) का आईपीओ निवेश के लिए 12 दिसंबर को खुल गया है। इस इश्यू के जरिए अमेरिकी हेल्थकेयर आउटसोर्सिंग मार्केट पर दांव लगाया जा सकता है। इस बिजनेस की ग्रोथ अच्छी है। इस कंपनी को सचिन गुप्ता प्रमोट कर रहे हैं। इसमें दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला के परिवार का निवेश है। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल होगा। इश्यू के बाद कंपनी में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 69.7 फीसदी से घटकर 65.8 फीसदी पर आ जाएगी।

आईकेएस हेल्थ का बिजनेस

IKS Health टेक्नोलॉजी-एनेबल्ड हेल्थकेयर सॉल्यूशन ऑफर करती है। यह केयर इनेबलमेंट प्लेटफॉर्म ऑफर करती है, जिसका इस्तेमाल अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में फिजिशियन एंटरप्राइजेज करती हैं। हालांकि, कंपनी का फोकस अमेरिकी मार्केट पर है। इसके प्लेटफॉर्म में Revenue Optimisation Solutions भी शामिल है। यह हेल्थकेयर कंपनियों को रेवेन्यू और ऑपरेशनल एफिशियंसी बढ़ाने में मदद करता है। अमेरिका में हेल्थ केयर इंडस्ट्री 4.8 लाख करोड़ डॉलर की है। इसकी ग्रोथ 7.5-8 फीसदी है।


कंपनी 16 सर्विसेज ऑफर करती है

आईकेएस हेल्थ जो 16 अलग-अलग सर्विसेज ऑफर करती है, उसका मार्केट साइज करीब 222 अरब डॉलर है। इसमें से सिर्फ 34 बिलियन डॉलर की आउसोर्सिंग हो रही है। यह मार्केट 12 फीसदी की तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में इस मार्केट से जुड़ी कंपनियों की ग्रोथ के लिए काफी संभावनाएं हैं। आईकेएस का प्लेटफॉर्म हेल्थकेयर कंपनियों को पेंशेट केयर के मुख्य काम पर फोकस बढ़ाने में मदद करता है। आईकेएस एडमिनिस्ट्रेटिव, क्लिनिकल और ऑपरेशन सर्विसेज की जिम्मेदारी संभाल लेती है। इससे हेल्थकेयर कंपनियों को अपनी कोर एक्टिविटी पर फोकस बढ़ाने का मौका मिल जाता है।

एडमिनिस्ट्रेटिव और क्लिनिकल सेवाएं

आईकेएस अपने क्लाइंट्स के लिए इंटिग्रल ऑपरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में काम करती है। कंपनी का प्राइसिंग मॉडल कुछ हद तक आउटकम-बेस्ड है। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इसकी हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी है। कंपनी अपनी 16 सेवाएं दो मुख्य बंडल्स के तहत ऑफर करती है। इसमें पहला एडमिनिस्ट्रेटिव है और दूसरा क्लिनिकल है। रेवेन्यू में एडमिनिस्ट्रेटिव की हिस्सेदारी 37 फीसदी है, जबकि क्लिनिकल की हिस्सेदारी 63 फीसदी है। पहले कंपनी 16 सेलवाएं छह सॉल्यूशंस के तहत ऑफर करती थी।

कंपनी पर कर्ज का काफी कम बोझ

आईकेएस की ग्रोथ अच्छी रही है। इसका ऑपरेटिंग मार्जिन 38/39 फीसदी रहा है। FY23 तक कंपनी पर कोई कर्ज नहीं था। पिछले साल Aquity के अधिग्रहण के लिए इने 22 करोड़ डॉलर खर्च किए। इससे कंपनी पर 12 करोड़ डॉलर का कर्ज हो गया। लेकिन, सितंबर 2024 तक कंपनी अपने कर्ज को घटाकर करीब आधा करने में सफल रही है। अभी कंपनी पर करीब 6.8 करोड़ डॉलर का कर्ज रह गया है। अगले एक साल में कंपनी को कर्ज खत्म हो जाने की उम्मीद है। हालांकि, इस अधिग्रहण का असर कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर पड़ा है।

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क्या आपको निवेश करना चाहिए?

कंपनी को अगले साल तक ऑपरेटिंग मार्जिन 30 फीसदी पर आने की उम्मीद है। कंपनी के पास क्लाइंट्स में इजाफा करने की क्षमता है। स्टॉक मार्केट में पहले से ऐसी कोई कंपनी लिस्ट नहीं है, जिसे आईकेएस का प्रतिद्वंद्वी माना जाए। कंपनी के शेयरों की वैल्यूएशन ज्यादा दिखती है। लेकिन, इस बिजनेस में मौजूद मौकों को देखते हुए इसे ठीक माना जा सकता है। निवेशक लंबी अवधि के लिहाज से इस आईपीओ में निवेश कर सकते हैं। लिस्टिंग के बाद शेयरों में गिरावट आने पर निवेश बढ़ा सकते हैं।

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