Inox Green Energy IPO allotment Status: विंड पावर के ऑपरेशन और मेंटीनेंस से जुड़ी सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनी आईनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज (Inox Green Energy Services) आज यानी शुक्रवार 18 सितंबर की शाम में अपने शेयरों का अलॉटमेंट कर सकती है। कंपनी का 740 रुपये का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) 11 से 15 नवंबर तक बोली के खुला था। जिन निवेशकों ने इस IPO के लिए बोली लगाई है, वे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) या रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर जाकर घर बैठे ऑनलाइन अपना अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। अलॉटमेंट में जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके खाते में 21 नवंबर तक पैसे वापस आ जाएंगे। वहीं बोली में सफल निवेशकों के डीमैट खाते में 22 नवंबर तक शेयर क्रेडिट हो जाएंगे।
1.54 गुना सब्सक्राइब हुआ था IPO
Inox Green Energy का IPO करीब 1.54 गुना अधिक सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने अपने IPO के तहत कुल 6.67 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखा था, जिसके बदले में उसे कुल 10.28 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिली। रिटेल निवेशकों ने अपने हिस्से के लिए आरक्षित शेयरों का करीब 4.70 गुना अधिक सब्सक्राइब किया। वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने अपने हिस्से के शेयरों के लिए करीब 1.05 गुना अधिक बोली लगाई। जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित कोटे में कंपनी को 47 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला है।
रजिस्ट्रार की वेबसाइट से स्टेटस ऐसे करें चेक
740 करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी
Inox Green Energy Services ने अपने IPO से कुल 740 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें इसमें 370 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर शामिल हैं। वहीं बाकी 370 करोड़ के शेयर को कंपनी के प्रमोटरों और मौजूदा शेयरहोल्डरों ने बिक्री के लिए रखा है। इसमें से 333 करोड़ रुपये कंपनी ने IPO खुलने से एक दिन पहले एंकर निवेशकों से जुटाए थे। कंपनी के शेयर 23 नवंबर को बीएसई और एनएसई पर एक साथ लिस्ट हो सकते हैं।
Inox Green Energy Services IPO GMP Today
जानकारों के मुताबिक, Inox Green के शेयर शुक्रवार को ग्रे मार्केट में शून्य या 2 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे। वहीं इससे पहले दो दिनों तक तो इसके शेयर डिस्काउंट पर यानी इश्यू प्राइस से भी कम भाव पर कारोबार कर रहे थे। लिस्टिंग से पहले GMP में बढ़ोतरी को अच्छे संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि जानकारों ने यह भी कहा कि किसी भी आईपीओ के बारे में एक ठोस राय बनाने के लिए निवेशकों को ग्रे मार्केट प्रीमियम को नहीं देखना चाहिए। असलियत में कंपनी की वित्तीय सेहत ही उसकी सही तस्वीर बताती है।