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IPO का प्राइस तय करने की प्रक्रिया पूरी तरह सही नहीं, रिटेल निवेशकों को कुछ समय बाद लगाने चाहिए पैसे: SEBI चेयरपर्सन

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) की चेयरपर्सन, माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) ने गुरुवार 29 जून को स्वीकार किया है इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के लिए कीमतों तय करने का तरीका पूरी तरह से सही नहीं है और कई बार कीमतें टिक नहीं पाती हैं

Moneycontrol Newsअपडेटेड Jun 29, 2023 पर 9:03 PM
IPO का प्राइस तय करने की प्रक्रिया पूरी तरह सही नहीं, रिटेल निवेशकों को कुछ समय बाद लगाने चाहिए पैसे: SEBI चेयरपर्सन
माधबी पुरी बुच, मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) की चेयरपर्सन

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) की चेयरपर्सन, माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) ने गुरुवार 29 जून को स्वीकार किया है इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के लिए कीमतें तय करने का तरीका पूरी तरह से सही नहीं है और कई बार कीमतें टिक नहीं पाती हैं। उन्होंने IPO में रिटेल निवेशकों का कोटा बढ़ाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में ये बातें कहीं। माधबी पुरी बुच ने कहा, "अगर कोई रिटेल निवेशक लंबी अवधि के नजरिए के साथ बाजार में आ रहा है तो उसे सोचना चाहिए कि इतनी जल्दी क्या है? बड़े निवेशक आमतौर पर बड़ी ब्लॉक डील लेना चाहते हैं, इसीलिए वे आईपीओ में आते हैं ताकि उनकी शेयरों की अधिग्रहण लागत नियंत्रित रहे।"

उन्होंने कहा, "रिस्क मैनेजमेंट के हिसाब से, रिटेल निवेशकों को कीमत स्थिर होने के बाद आना चाहिए, जिसमें शायद एक तिमाही लगता है।" सेबी चेयरपर्सन ने आगे कहा, "लेकिन अगर वे सट्टा लगाने वाले ट्रेडर हैं और इसमें दांव लगाते हैं, तो ऐसे व्यक्ति को उस तरह का जोखिम भी उठाना पड़ता है।"

वह इसके जरिए हाल में आए कई IPO जिक्र कर रही थी, जिनकी कीमतें लिस्टिंग के तुरंत बाद गिर गईं, जिससे निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा। इसमें पेटीएम जैसी नए जमाने की टेक कंपनियों के शेयर भी शामिल हैं। इसके चलते कुछ निवेशकों ने IPO के दौरान शेयर की कीमत तय करने की प्रक्रिया में SEBI के हस्तक्षेप की मांग की थी।

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