Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 21-23 अक्टूबर को खुला था और इसने तेजी से फुल सब्सक्राइब होने का रिकॉर्ड बना दिया। सिर्फ यही नहीं, पहली बार किसी कंपनी के आईपीओ के लिए 1 करोड़ से अधिक एप्लीकेशन मिले और ऐसा दुनिया में पहली बार हुआ। इसके आईपीओ के हर कैटेगरी के निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला। एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक इसके आईपीओ को 22.19 गुना बोली मिली, जिसमें QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स) का हिस्सा 70.55 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 14 गुना, खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.72 गुना बोली मिली।
Jio Platforms IPO: 7 अहम माइलस्टोन
रिकॉर्ड पब्लिक सब्सक्रिप्शन
एंकर बुक मिलाकर जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को ₹7.4 लाख करोड़ की बोली मिली। एंकर निवेशकों को निकालकर इसे ₹4.9 लाख करोड़ से अधिक की बोली मिली, जोकि एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के पिछले साल आईपीओ को लेकर मांग की तुलना में अधिक है और जियो प्लेटफॉर्म्स पब्लिक डिमांड को लेकर रिकॉर्ड बनाया। वहीं एंकर बुक की बात करें तो जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को करीब ₹8110 करोड़ के शेयरों के लिए ₹2.5 लाख करोड़ की बोली मिली लेकिन इसकी तुलना के लिए दूसरे बड़े आईपीओ का डेटा सार्वजनिक तौर पर लगातार उपलब्ध नहीं है।
1 करोड़ से अधिक एप्लीकेशन का वैश्विक रिकॉर्ड
दुनिया भर में पहली बार किसी कंपनी के आईपीओ को एक करोड़ से अधिक इंडिविजुअल इंवेस्टर्स के एप्लीकेशन्स मिले। इससे पहले करीब 97.3 लाख एप्लीकेशन्स के साथ यह रिकॉर्ड वारी एनर्जीज (Waaree Energies) के नाम पर था।
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ देश में अब तक का सबसे बड़ा है। इसका इश्यू साइज ₹30,213 करोड़ है। इसके साथ ही इसने हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़, एनएसई इंडिया के ₹22,561 करोड़ और एलआईसी के ₹21,008 करोड़ के आईपीओ को पछाड़ दिया।
नए शेयरों का सबसे बड़ा इश्यू
जियो प्लेटफॉर्म्स का इश्यू पूरी तरह से नए शेयरों का है और इसके साथ ही पूरी तरह से फ्रेश इश्यू साइज का इसने रिकॉर्ड बना दिया। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में कोई भी मौजूदा शेयरहोल्डर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत अपने शेयर नहीं बेच रहा है।
आईपीओ खुलते ही 100 मिनट के भीतर जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ पूरा भर गया। इसके साथ ही इसने सबसे तेज फुल सब्सक्राइब होने का रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले ₹15 हजार करोड़ से अधिक के आईपीओ को फुल सब्सक्राइब होने के लिए दो से तीन दिन लगते हैं।
पहली बार बढ़ाना पड़ा बिडिंग टाइम
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को इतनी बोली मिली कि इसे संभालने के लिए बीएसई और एनएसई को बिडिंग टाइम ही बढ़ाना पड़ गया। आमतौर पर आईपीओ में आवेदन करने का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होता है, लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के दौरान समय बढ़ाकर सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक कर दिया गया। इससे पहले एनएसई के आईपीओ को लेकर भी ऐसा हुआ था।
नई लिस्टेड कंपनी के लिए सबसे अधिक मार्केट वैल्यूएशन
आईपीओ के अपर प्राइस बैंड ₹1119 के हिसाब से लिस्टिंग के बाद से जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन करीब ₹10.3 लाख करोड़ बैठ रही, जोकि किसी नई लिस्टेड कंपनी के लिए सबसे अधिक है। इसके साथ ही लिस्टिंग के साथ यह देश की टॉप-4 या टॉप-5 लिस्टेड कंपनियों में शुमार हो सकती है।
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