जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में निवेशकों की भारी दिलचस्पी है। वैश्विक और घरेलू संस्थागत निवेशकों की ओर से लगभग ₹2.5 लाख करोड़ की कुल मांग आई है। मनीकंट्रोल को मामले की जानकारी रखने वाले लोगों से पता चला है कि यह मांग विदेशी लॉन्ग-ओनली फंड्स, सॉवरेन वेल्थ फंड्स, भारत के 10 सबसे बड़े म्यूचुअल फंड हाउस और 5 सबसे बड़ी बीमा कंपनियों से आई है। एलोकेशन पाने की इच्छा जताने वालों में लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC), SBI म्यूचुअल फंड और HDFC म्यूचुअल फंड के साथ-साथ वैश्विक एसेट मैनेजर फिडेलिटी इनवेस्टमेंट्स, कैपिटल ग्रुप और ब्लैकरॉक जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
मनीकंट्रोल को सूत्रों ने बताया कि सॉवरेन वेल्थ फंड्स- GIC, नॉर्जेस बैंक इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है। इसके अलावा टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले कई वैश्विक निवेशकों और बड़े फैमिली ऑफिसेज (अमीर परिवारों के निवेश कार्यालयों) ने भी इस IPO में बड़ी मांग दर्शाई है।
मांग का यह स्तर दिखाता है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का विभिन्न प्रकार के संस्थागत निवेशकों के बीच कितना आकर्षण है, निवेशकों की इसकी लिस्टिंग में कितनी ज्यादा दिलचस्पी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जियो अब सिर्फ एक टेलीकॉम ऑपरेटर नहीं, बल्कि एक व्यापक डिजिटल सर्विस प्लेटफॉर्म बन गई है। कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड, क्लाउड, एंटरटेनमेंट और एंटरप्राइज सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में मौजूदगी इसे भविष्य के लिए एक मुनाफा कमाने वाली मशीन बनाती है।
21 अक्टूबर को खुलेगा ₹30213 करोड़ का IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। लगभग दो दशकों यानि कि 20 साल बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की किसी कंपनी का IPO आ रहा है। यह साइज के मामले में देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। प्राइस बैंड ₹1065-₹1119 प्रति शेयर है। लॉट साइज 12 शेयर है। IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 28 अक्टूबर को हो सकती है। एंकर निवेशक IPO में 19 अक्टूबर को बोली लगा सकते हैं।
IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल
जियो प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मेटा के पास 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं गूगल की 7.73 प्रतिशत, सऊदी अरेबिया वेल्थ फंड्स की 2.31 प्रतिशत, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स की 2.31 प्रतिशत, सिल्वर लेक की 1.88 प्रतिशत, मुबादला की 1.85 प्रतिशत, जीए सिंगापुर की 1.34 प्रतिशत, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी की 1.16 प्रतिशत और टीपीजी कैपिटल की 0.93 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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