Jio Platforms IPO: ₹1065-₹1119 रह सकता है प्राइस बैंड, 21 अक्टूबर से ओपनिंग; 10 पॉइंट में जानें अहम डिटेल
Jio Platforms IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा
Jio Platforms के शेयर 28 अक्टूबर को शेयर बाजारों में लिस्ट हो सकते हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। और हो भी क्यों न, लगभग दो दशकों यानि कि 20 साल बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की किसी कंपनी का IPO आ रहा है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। Jio Platforms IPO पर ताजा अपडेट इसके प्राइस बैंड को लेकर है। यह कितना रहने वाला है, इस बारे में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई है। आइए जानते हैं जियो IPO को लेकर अब तक सामने आईं खास बातें...
संभावित प्राइस बैंड और साइज
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि Jio Platforms Ltd. के प्रस्तावित IPO के लिए प्राइस बैंड 1065-1119 रुपये प्रति शेयर रहने वाला है। ब्लूमबर्ग की कैलकुलेशन के अनुसार, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर Jio के IPO से लगभग 30200 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इससे यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।
वैल्यूएशन
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 10.3 लाख करोड़ रुपये तक की मार्केट वैल्यू का लक्ष्य रख रही है। लेकिन बातचीत अभी जारी है और प्राइस बैंड, वैल्यूएशन और टाइमिंग सहित अन्य डिटेल अभी भी बदल सकती हैं। IPO का ड्राफ्ट कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास इस साल जून में जमा किया गया था। मंजूरी अगस्त में मिली।
IPO कब खुलेगा और कब लिस्ट होगा
यह पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर को खुल सकता है। एंकर निवेशक 19 अक्टूबर को बोली लगा सकते हैं। 20 अक्टूबर को शेयर बाजार में दशहरा की छुट्टी है। कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को शेयर बाजारों में लिस्ट हो सकते हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में टेलिकॉम, डिजिटल सर्विसेज, उद्यम समाधान और उभरते टेक्नोलॉजी इनीशिएटिव शामिल हैं। इसकी टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड देश में सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियों में से एक है।
Jio IPO में कितने नए शेयर
19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि Jio Platforms को अपने प्रस्तावित IPO के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।
बुक रनिंग लीड मैनेजर
ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में Jio Platforms ने घोषणा की कि उसने IPO के लिए 19 इनवेस्टमेंट बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) के तौर पर नियुक्त किया है। इस ऑफर के लिए BRLM हैं- कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, BofA सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, BNP पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, CLSA इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, HDFC बैंक, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज (पहले IIFL सिक्योरिटीज), जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, JM फाइनेंशियल, JP मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और 360 ONE WAM।
भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब जियो का IPO 30000 करोड़ रुपये से ज्यादा का रहने वाला है।
रिजर्व हिस्से पर क्या अपडेट
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पता चला है कि IPO में जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरीज के स्थायी कर्मचारियों के लिए शेयर रिजर्व होंगे। इसके बाद नेट इश्यू का 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा। QIB के हिस्से में से 60 प्रतिशत तक हिस्सा एंकर निवेशकों को अलॉट किया जा सकता है। इसमें से कुछ हिस्सा विशेष रूप से म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियों और पेंशन फंड्स के लिए रिजर्व होगा।
IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल
जियो प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय रोड शो कंप्लीट
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में अपने अंतरराष्ट्रीय रोडशो पूरे कर लिए हैं। अब वह 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में सेबी के पास IPO का फाइनल ड्राफ्ट जमा कर सकती है। कंपनी भारत में भी IPO रोडशो आयोजित कर सकती है। IPO के मामले में रोड शो का मतलब है- संबंधित कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग और रिप्रेजेंटेशंस। मीटिंग्स में IPO ला रही कंपनी के अधिकारी संभावित निवेशकों से बातचीत करते हैं और उन्हें समझाते हैं कि उनके IPO में निवेश करना क्यों उचित है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 14.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.47 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 15.1 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 30,000 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 18.8 प्रतिशत बढ़कर 76,255 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में Jio के ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ रही। जियो 5G के सब्सक्राइबर्स की संख्या 26.8 करोड़ है।
Jio Platforms में किसके पास कितनी हिस्सेदारी
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मेटा के पास 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं गूगल की 7.73 प्रतिशत, सऊदी अरेबिया वेल्थ फंड्स की 2.31 प्रतिशत, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स की 2.31 प्रतिशत, सिल्वर लेक की 1.88 प्रतिशत, मुबादला की 1.85 प्रतिशत, जीए सिंगापुर की 1.34 प्रतिशत, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी की 1.16 प्रतिशत और टीपीजी कैपिटल की 0.93 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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